Wednesday, July 22

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नकली और स्मगल की गई सिगरेट पर बड़ा एक्शन कोरियाई कंपनी की शिकायत पर दिल्ली-NCR में छापेमारी, लाखों सिगरेट जब्त
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नकली और स्मगल की गई सिगरेट पर बड़ा एक्शन कोरियाई कंपनी की शिकायत पर दिल्ली-NCR में छापेमारी, लाखों सिगरेट जब्त

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की पान और सिगरेट दुकानों पर खुलेआम बिक रही कोरियाई सिगरेट ब्रांड ‘ESSE’ अब जांच के घेरे में आ गई है। जांच में सामने आया है कि बाजार में बिक रही यह सिगरेट न तो कानूनी रूप से आयात की गई थीं और न ही अधिकृत रूप से बेची जा रही थीं। ये सिगरेट या तो स्मगलिंग के जरिए लाई गई थीं या फिर नकली थीं। कोरियाई कंपनी KT&G की शिकायत पर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को दिल्ली और एनसीआर के 14 थोक विक्रेताओं के ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की गई। इस दौरान नकली ESSE ट्रेडमार्क वाली लाखों सिगरेट जब्त की गईं। छापेमारी के दौरान संबंधित विक्रेताओं के पास इन उत्पादों की कोई वैध खरीद या बिक्री से जुड़ी रिकॉर्डिंग नहीं मिली। हाई कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई यह कार्रवाई केटी एंड जी (KT&G) और उसकी भारतीय पार्टनर कंपनी एस.एस. राणा एंड कंपनी द्वारा प्रवर्तन एजेंसियों के सह...
जहां गांव टूट रहा था, वहां डॉक्टर दंपती ने फूंकी नई जान स्टेथोस्कोप से स्टार्टअप तक ‘सिट्टीलिंगी मॉडल’ की प्रेरक कहानी
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जहां गांव टूट रहा था, वहां डॉक्टर दंपती ने फूंकी नई जान स्टेथोस्कोप से स्टार्टअप तक ‘सिट्टीलिंगी मॉडल’ की प्रेरक कहानी

नई दिल्ली। तमिलनाडु की दुर्गम सिट्टीलिंगी घाटी, जहां कभी बीमारी, कर्ज और पलायन ने गांवों की सांसें रोक दी थीं, आज आत्मनिर्भरता और सेहत की मिसाल बन चुकी है। इस बदलाव के केंद्र में हैं डॉ. रेगी जॉर्ज और डॉ. ललिता रेगी—एक ऐसा डॉक्टर दंपती, जिसने इलाज को सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वास्थ्य को आजीविका और आत्मसम्मान से जोड़ा। साल 1993 में दोनों ने सिट्टीलिंगी को अपनी कर्मभूमि चुना। तब यह इलाका बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से कोसों दूर था। शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 150 तक पहुंच चुकी थी। संसाधन नहीं थे, रास्ते कठिन थे, लेकिन इरादे मजबूत थे। एक छोटी सी झोपड़ी से स्वास्थ्य सेवा की शुरुआत हुई और स्थानीय महिलाओं को ही नर्स व स्वास्थ्य कार्यकर्ता बनाकर इस लड़ाई में शामिल किया गया। अस्पताल से बदली गांव की तकदीर समय के साथ वह झोपड़ी 35 बेड के आधुनिक अस्पताल में बदल गई। पिछले 20 वर्षों ...
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत हिंदुस्तान कॉपर, मोतीलाल ओसवाल समेत इन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर
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बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच चुनिंदा शेयरों में तेजी के संकेत हिंदुस्तान कॉपर, मोतीलाल ओसवाल समेत इन स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में नरमी देखने को मिली। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख के बीच प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में फिसलकर बंद हुए। बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77.84 अंक (0.09%) टूटकर 84,481.81 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 84,780.19 के उच्च और 84,238.43 के निचले स्तर को छुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 3 अंक की मामूली गिरावट के साथ 25,815.55 अंक पर लगभग सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स शेयरों में मिला-जुला रुख सेंसेक्स के घटक शेयरों में सन फार्मा, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी और भारती एयरटेल प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।वहीं, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक और एचसीएल टेक के शेयरों म...
मनरेगा की जगह ‘जी-राम-जी’: 100 की जगह 125 दिन का रोजगार, ग्रामीण भारत को नई रफ्तार देने का दावा
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मनरेगा की जगह ‘जी-राम-जी’: 100 की जगह 125 दिन का रोजगार, ग्रामीण भारत को नई रफ्तार देने का दावा

नई दिल्ली। ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए लोकसभा ने गुरुवार को विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) — ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक, 2025 पारित कर दिया। यह कानून लगभग 20 वर्षों से लागू मनरेगा की जगह लेगा और इसके तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के वेतन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह विधेयक ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य केवल अस्थायी मजदूरी नहीं बल्कि टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आजीविका के स्थायी साधन खड़े करना है। मनरेगा से आगे का मॉडल सरकार के अनुसार, बीते दो दशकों में ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल चुकी है। डिजिटलीकरण, सड़क-कनेक्टिविटी और बाजार तक पहुंच में सुधार के बाद पुराने ढांचे की जगह एक नए वैधानिक मॉडल की जरूरत महसूस की गई। ‘जी-राम-जी’ को इसी सोच के तहत लाया गया है, जिसमे...
क्या बांग्लादेश के हाथ से फिसल रहा है गारमेंट कारोबार? राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत ने धीरे-धीरे बढ़ाया दबदबा
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क्या बांग्लादेश के हाथ से फिसल रहा है गारमेंट कारोबार? राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत ने धीरे-धीरे बढ़ाया दबदबा

नई दिल्ली। वैश्विक कपड़ा और परिधान बाजार में भारत की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। नवंबर महीने में भारत के कपड़ा, परिधान और हस्तशिल्प निर्यात में 9.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह निर्यात बढ़कर 285.58 करोड़ डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 260.15 करोड़ डॉलर था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल बांग्लादेश के लिए एक बड़ा झटका है। लंबे समय से वैश्विक रेडीमेड गारमेंट (RMG) बाजार में भारत का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी रहा बांग्लादेश, इस समय राजनीतिक अस्थिरता, श्रमिक आंदोलनों और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। इसका सीधा असर वहां की सप्लाई चेन पर पड़ा है। ग्लोबल ब्रांड्स का भरोसा भारत पर बांग्लादेश में जारी अनिश्चित हालात के चलते अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अब जोखिम से बचने के लिए भारत की ओर रुख कर रहे हैं। भारत को वे एक स्थिर, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में दे...
एक साल में 130% तक उछाल, घटते भंडार और बढ़ती मांग बने कारण
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एक साल में 130% तक उछाल, घटते भंडार और बढ़ती मांग बने कारण

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया। लगातार खरीदारी के चलते चांदी 1,800 रुपये की तेज़ी के साथ 2,07,600 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह पहली बार है जब चांदी इतनी ऊंचाई पर पहुंची है। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, बुधवार को ही चांदी की कीमत 7,300 रुपये उछलकर पहली बार दो लाख रुपये प्रति किलो के पार गई थी और 2,05,800 रुपये पर बंद हुई थी। इस साल 1 जनवरी को चांदी का भाव 90,500 रुपये प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 129.4% की भारी छलांग के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। वहीं, सोने की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली। 99.9% शुद्धता वाले सोने का भाव 1,36,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहा। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू बाजार में सोने की मांग फिलहाल संतुलित बनी हुई है। औद्योगिक मांग ने बढ़ाई चमक र...
नए साल में अटक सकता है पैसा! 31 दिसंबर से पहले निपटा लें बैंक और आधार से जुड़े ये तीन काम
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नए साल में अटक सकता है पैसा! 31 दिसंबर से पहले निपटा लें बैंक और आधार से जुड़े ये तीन काम

नई दिल्ली। साल 2025 अब खत्म होने को है और साथ ही फाइनेंस और आधार से जुड़े कई जरूरी कामों की डेडलाइन भी 31 दिसंबर को खत्म हो रही है। अगर आप इन कामों को समय पर नहीं निपटाते हैं, तो नए साल में आपका पैसा अटक सकता है। खासकर बिलेटेड आईटीआर, रिवाइज्ड रिटर्न और PAN-आधार लिंक पर ध्यान देना जरूरी है। 1. बिलेटेड और रिवाइज्ड ITR इस साल आपकी ITR भरने की अंतिम तारीख 16 सितंबर 2025 थी। अगर आपने समय पर भर नहीं पाए तो 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए लेट फीस और ब्याज देना पड़ेगा। लेट फीस: आईटी कानून की धारा 234F ब्याज: धारा 234A अगर आपने समय पर ITR भर दिया था लेकिन उसमें कोई गलती रह गई, तो रिवाइज्ड रिटर्न भरकर इसे सही किया जा सकता है। रिवाइज्ड रिटर्न में पेनल्टी नहीं लगती, लेकिन अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना पड़ सकता है। 2. GST और कंपनियों के एनुअल रिटर्न व...
कागज बनाने वाली महाराष्ट्र की कंपनी अब शराब उद्योग में उतरेगी नाम बदलेगा, मेघालय की सीएमजे ब्रुअरीज में खरीदेगी 78.90% हिस्सेदारी
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कागज बनाने वाली महाराष्ट्र की कंपनी अब शराब उद्योग में उतरेगी नाम बदलेगा, मेघालय की सीएमजे ब्रुअरीज में खरीदेगी 78.90% हिस्सेदारी

मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक की कागज निर्माता कंपनी बाणगंगा पेपर इंडस्ट्रीज लिमिटेड (BPIL) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। कंपनी अब शराब (Alcobev) के कारोबार में प्रवेश करने जा रही है। इसके लिए BPIL ने मेघालय की CMJ ब्रुअरीज प्राइवेट लिमिटेड (CMJBPL) में 78.90% की इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने का निर्णय लिया है। इस सौदे के बाद कंपनी अपने नाम को भी बदलकर एएसगार्ड एल्कोबेव लिमिटेड (ASGARD ALCOBEV LIMITED) करने का प्रस्ताव रख रही है। नाम बदलने की प्रक्रिया को शेयरधारकों और रेगुलेटरी अनुमोदन के बाद पूरा किया जाएगा। क्या कहती है एक्सचेंज फाइलिंग BPIL ने 17 दिसंबर 2025 को अपनी बोर्ड बैठक में CMJBPL में हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव मंजूर किया। इस सौदे के तहत कंपनी कुल 10,95,22,067 इक्विटी शेयरों का अधिग्रहण करेगी। सौदे के पूरा होने का अनुमान शेयरधारकों और स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी के ...
देश में खाने-पीने की चीजों में मिलावट का बड़ा खुलासा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर पांचवां सैंपल फेल
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देश में खाने-पीने की चीजों में मिलावट का बड़ा खुलासा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर पांचवां सैंपल फेल

नई दिल्ली। देश में खाने-पीने की चीजों में मिलावट की घटनाएँ अब भी आम हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच साल में जांचे गए हर पांच सैंपल में से एक में मिलावट पाई गई। राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान 1.7 लाख से ज्यादा खाने के सैंपल असुरक्षित पाए गए, और मिलावटखोरों पर 257 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय की सख्ती और निगरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि फूड सेफ्टी कानूनों को लागू करने में अब अधिक सख्ती बरती जा रही है। खास तौर पर उन उत्पादों पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनमें मिलावट का खतरा ज्यादा होता है। इनमें दूध और दूध से बने उत्पाद, रेडी-टू-ईट फूड्स शामिल हैं। ये चीजें शहरों में खूब बिकती हैं और इनके सुरक्षा मानकों पर न खरे उतरने से उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। पिछले पांच साल में पूरे देश में करीब 8.7 लाख फूड सैं...
नए साल से पहले महंगाई पर लग सकती है लगाम एलपीजी सिलेंडर के दाम घटने की उम्मीद, सरकार दे सकती है राहत
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नए साल से पहले महंगाई पर लग सकती है लगाम एलपीजी सिलेंडर के दाम घटने की उम्मीद, सरकार दे सकती है राहत

नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत से पहले आम लोगों के लिए राहत भरी खबर आ सकती है। सरकार ने 1 जनवरी 2026 से सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति यूनिट की कटौती का ऐलान कर दिया है। अब इसी कड़ी में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी कमी की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो करोड़ों परिवारों को महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलेगी। कई महीनों से नहीं बदले घरेलू सिलेंडर के दाम घरेलू इस्तेमाल में आने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 9 मार्च 2024 के बाद से जस की तस बनी हुई है। हालांकि इस साल कमर्शियल सिलेंडर के दामों में कई बार कटौती हुई है, लेकिन आम उपभोक्ताओं को अब तक इसका सीधा फायदा नहीं मिल पाया है। फिलहाल बिना सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 803 रुपये कोलकाता में 879 रुपये मुंबई में 852.50 रुपये चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल ...