Tuesday, July 21

Andhra Pradesh

तिरुपति लड्डू विवाद: SIT ने फाइनल चार्जशीट में कहा—कोई जानवरों की चर्बी नहीं, मिलावटी घी का मामला
Andhra Pradesh, State

तिरुपति लड्डू विवाद: SIT ने फाइनल चार्जशीट में कहा—कोई जानवरों की चर्बी नहीं, मिलावटी घी का मामला

अमरावती, 30 जनवरी 2026: तिरुपति लड्डू मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी फाइनल चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में साफ कहा गया है कि लड्डू में जानवरों की चर्बी की कोई मिलावट नहीं हुई थी। SIT ने 15 महीने की जांच के बाद आंध्र प्रदेश के नेल्लोर स्थित एंटी-करप्शन ब्यूरो कोर्ट में यह चार्जशीट प्रस्तुत की। चार्जशीट के अनुसार, तिरुपति लड्डू बनाने में इस्तेमाल किया गया घी मिलावटी था, जिसमें पाम तेल, पाम कर्नेल तेल और अन्य केमिकल एडिटिव्स शामिल थे। जानवरों की चर्बी का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी दल YSRCP ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और दोनों नेताओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। टीडीपी की ओर से पार्टी प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनगरी ने कहा कि SIT की रिपोर्ट मे...
पीएम मोदी से लेकर सचिन तेंदुलकर तक… सत्य साईं बाबा की शताब्दी पर शामिल हुए कई दिग्गज
Andhra Pradesh, State

पीएम मोदी से लेकर सचिन तेंदुलकर तक… सत्य साईं बाबा की शताब्दी पर शामिल हुए कई दिग्गज

आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी में जन्मे दिव्य संत सत्य साईं बाबा की जन्म शताब्दी 23 नवंबर को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। पुट्टापर्थी स्थित उनका आश्रम – प्रशांति निलयम, आज भी विश्वभर के करोड़ों भक्तों के लिए आध्यात्मिक शक्ति और सेवा का केंद्र है। कौन थे सत्य साईं बाबा? सत्य साईं बाबा को दुनिया के सबसे सम्मानित आध्यात्मिक गुरुओं में गिना जाता है। उन्हें उनके अनुयायी सत्य साई बाबा, साई बाबा, स्वामी या बाबा के नाम से पुकारते हैं। उन्होंने धर्म, सत्य, शांति, प्रेम और अहिंसा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया। उनके जीवन और शिक्षाओं ने धर्म, जाति, भाषा और सीमाओं के सभी बंधनों को पार करते हुए मानवता को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। जन्म और जीवन यात्रा सत्य साईं बाबा का जन्म 23 नवंबर 1926 को पुट्टापर्थी के छोटे से गांव में सत्यनारायण राजू के रूप में हुआ। बचपन से ही उनमें ...
200 साल पुरानी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Andhra Pradesh, Delhi (National Capital Territory)

200 साल पुरानी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा – हाई कोर्ट के आदेश में दखल की जरूरत नहीं नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में 200 साल पुरानी तकिया मस्जिद के विध्वंस से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मस्जिद गिराए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज करते हुए साफ कहा कि उसे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश में कोई त्रुटि नहीं दिखती। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की दो-न्यायाधीशीय पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यदि चाहें तो कानून के तहत उपलब्ध अन्य उपायों — जैसे मुआवजे की मांग — का सहारा ले सकते हैं। ⚖️ क्या है पूरा मामला उज्जैन की 200 साल पुरानी तकिया मस्जिद को जनवरी 2025 में प्रशासन ने गिरा दिया था। बताया गया कि यह कार्रवाई महाकालेश्वर मंदिर परिसर के विस्तार और पार्किंग निर्माण के लिए की गई। इस विध्वंस के ...