Tuesday, July 21

तिरुपति लड्डू विवाद: SIT ने फाइनल चार्जशीट में कहा—कोई जानवरों की चर्बी नहीं, मिलावटी घी का मामला

अमरावती, 30 जनवरी 2026: तिरुपति लड्डू मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी फाइनल चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में साफ कहा गया है कि लड्डू में जानवरों की चर्बी की कोई मिलावट नहीं हुई थी।

SIT ने 15 महीने की जांच के बाद आंध्र प्रदेश के नेल्लोर स्थित एंटी-करप्शन ब्यूरो कोर्ट में यह चार्जशीट प्रस्तुत की। चार्जशीट के अनुसार, तिरुपति लड्डू बनाने में इस्तेमाल किया गया घी मिलावटी था, जिसमें पाम तेल, पाम कर्नेल तेल और अन्य केमिकल एडिटिव्स शामिल थे। जानवरों की चर्बी का कोई जिक्र नहीं किया गया है।

इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी दल YSRCP ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और दोनों नेताओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

टीडीपी की ओर से पार्टी प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनगरी ने कहा कि SIT की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि 2019 से 2024 के बीच इस्तेमाल किया गया घी मिलावटी था और इसमें दूध का एक बूंद तक शामिल नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान लगभग 1.61 करोड़ किलो घी खरीदा गया, जिसमें से 60 लाख किलो मिलावटी था। इसका मतलब है कि लगभग 20 करोड़ लड्डू मिलावटी घी से बनाए गए थे।

चार्जशीट में कुल 36 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें उत्तराखंड की भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के डायरेक्टर पोमिल जैन और विपिन जैन मुख्य मास्टरमाइंड माने गए हैं।

टीडीपी का दावा है कि YSRCP ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने के लिए लोगों को गुमराह किया और तिरुमाला को एक बिजनेस वेंचर बनाने की कोशिश की गई। वहीं, YSRCP का आरोप है कि TDP ने जनता की धार्मिक भावनाओं के साथ खेला।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में SIT बनाने का आदेश दिया था, जो 2019 में उठे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए गठित किया गया।

 

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