Tuesday, July 21

Opinion

तिवाड़ी से भजनलाल तक – राजस्थान की राजनीति में संघर्ष बनाम किस्मत की कहानी
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तिवाड़ी से भजनलाल तक – राजस्थान की राजनीति में संघर्ष बनाम किस्मत की कहानी

    जयपुर: राजस्थान की राजनीति में योग्यता और अनुभव के साथ-साथ भाग्य की भूमिका भी निर्णायक रही है। कई बार यह देखा गया है कि वर्षों का संघर्ष, संगठनात्मक क्षमता और जनता का भरोसा होने के बावजूद कुछ नेता अपेक्षित मुकाम तक नहीं पहुँच पाते, जबकि कुछ को कम समय में सत्ता का शिखर मिल जाता है।   राजस्थान की राजनीति इसका स्पष्ट उदाहरण पेश करती है। यहाँ घनश्याम तिवाड़ी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राजनीतिक यात्रा दो बिल्कुल अलग कहानियां बयां करती हैं।   ब्राह्मण नेतृत्व का बदलता परिदृश्य   एक दौर ऐसा भी था जब राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा, दोनों दलों में प्रभावशाली ब्राह्मण नेता सक्रिय भूमिका में थे। उनके पास न केवल अपनी पार्टी में वर्चस्व था, बल्कि प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने की शक्ति भी। आज इस स्तर के नेतृत्व का अभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मुख्यमंत्री पद मिल...
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा ऐक्शन: सैनिटरी पैड की तस्वीर भेजकर पीरियड्स साबित करने पर बैन
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सुप्रीम कोर्ट का कड़ा ऐक्शन: सैनिटरी पैड की तस्वीर भेजकर पीरियड्स साबित करने पर बैन

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में तीन महिला सफाई कर्मचारियों से पीरियड्स साबित करने के लिए सैनिटरी पैड की तस्वीरें भेजने वाली घटना पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने इस घटना को पीरियड-शेमिंग की गंभीर समस्या बताते हुए पूरे भारत में लागू होने वाले दिशानिर्देश बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट की चिंता और निर्देश सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों पर महिलाओं को पीरियड्स के कारण शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों को नोटिस जारी कर निर्देशों की तत्काल आवश्यकता बताई है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने बताया कि यह घटना अकेली नहीं है, देशभर में कई महिलाओं और लड़कियों को ऐसे अपमानजनक अनुभवों का सामना करना पड़ा है। अनुच्छेद 21 का उल्लंघन...
अंतरराष्ट्रीय थीम: “सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए दिव्यांग-समावेशी समाजों को बढ़ावा देना”
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अंतरराष्ट्रीय थीम: “सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए दिव्यांग-समावेशी समाजों को बढ़ावा देना”

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस थीम का अर्थ केवल औपचारिक संदेश नहीं है, बल्कि यह आधुनिक समाज के सामने खड़ी वास्तविकता का सच्चा दर्पण है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति तभी संतुलित, सच्ची और पूर्ण मानी जा सकती है—जब दिव्यांगजन सम्मान, समान अवसर और गरिमा के साथ समाज के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकें। भारत में दिव्यांगजन: बदलता दृष्टिकोण, बढ़ते अवसर प्रधानमंत्री द्वारा ‘विकलांग’ शब्द के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द का प्रयोग केवल भाषाई परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रव्यापी सोच को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है।जनगणना 2011 के अनुसार देश में 2.6 करोड़ दिव्यांगजन हैं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में 21 दिव्यांगताओं को शामिल किए जाने के बाद यह संख्या वास्तविक रूप में इससे कहीं अधिक है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 1999 के पुराने अधिनियम को संशोधित कर 2016 में नया...
उम्र बढ़ने पर महिलाओं की याददाश्त तेजी से कमजोर होती है: एम्स गोरखपुर की स्टडी में खुलासा
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उम्र बढ़ने पर महिलाओं की याददाश्त तेजी से कमजोर होती है: एम्स गोरखपुर की स्टडी में खुलासा

नई दिल्ली।भले ही महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक उम्र तक जीवित रहती हों, लेकिन बढ़ती उम्र का असर उनकी याददाश्त और दिमागी क्षमता पर ज्यादा तेज़ी से दिखाई देता है। एम्स गोरखपुर द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह चौंकाने वाला निष्कर्ष सामने आया है। यह शोध भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की मदद से किया गया। स्टडी के मुताबिक, उम्र के साथ महिलाओं में याददाश्त, ध्यान और सोचने-समझने की क्षमता पुरुषों की तुलना में तेजी से कमजोर होती है। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. वेंकटेश ने बताया, 'जिन बुजुर्गों में कुपोषण था या पेट के आसपास अधिक चर्बी जमा थी, उनमें याददाश्त और सोचने की क्षमता में अधिक गिरावट देखी गई।' पार्टनर के साथ रहने वालों में बेहतर दिमागी क्षमता अध्ययन में यह भी पाया गया कि जिन बुजुर्गों का जीवनसाथी नहीं था, उनमें याददाश्त से जुड़ी समस्याएं अधिक पाई गईं। वहीं पार्टनर या परिवार के साथ रह...
दिल्ली प्रदूषण प्रदर्शन में हिडमा का पोस्टर, पुलिस पर मिर्ची हमला; अर्बन नक्सल नेटवर्क पर उठे सवाल
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दिल्ली प्रदूषण प्रदर्शन में हिडमा का पोस्टर, पुलिस पर मिर्ची हमला; अर्बन नक्सल नेटवर्क पर उठे सवाल

नई दिल्ली। राजधानी में वायु प्रदूषण के खिलाफ रविवार को इंडिया गेट के सी-हेक्सागन पर हुआ प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन के दौरान कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा के पोस्टर दिखाई देने और पुलिसकर्मियों पर मिर्ची पाउडर फेंके जाने की घटना ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। शुरुआत में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और उच्च एक्यूआई स्तर को लेकर नारे लगाए, लेकिन कुछ देर बाद नारेबाजी का स्वर बदलने लगा। पुलिस के अनुसार, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने ‘जल-जंगल-जमीन’ जैसे नारे लगाए और हिडमा के पोस्टर लहराने शुरू कर दिए। इससे प्रदर्शन का उद्देश्य संदिग्ध हो गया और मौके पर तनाव बढ़ गया। ट्रैफिक अवरोध और एंबुलेंस के रास्ते में बाधा की स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से मार्ग खाली करने की अपील की। अधिकारियों के मु...
पीएम मोदी ने IBSA से विश्व को संदेश दिया—UNSC सुधार अब विकल्प नहीं, जरूरत है
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पीएम मोदी ने IBSA से विश्व को संदेश दिया—UNSC सुधार अब विकल्प नहीं, जरूरत है

नई दिल्ली / जोहानिसबर्ग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में IBSA (भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन में साफ संदेश दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। उन्होंने आतंकवाद-निरोध पर गहरे तालमेल और दोहरे मानदंडों की नीतियों के खात्मे पर भी जोर दिया। मोदी ने कहा कि भारत की स्थायी सदस्यता को व्यापक समर्थन प्राप्त है, लेकिन कुछ देशों को यह पसंद नहीं, जिन्हें ‘कॉफी क्लब’ कहा जाता है। इस समूह में इटली, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको और अर्जेंटीना शामिल हैं, जो UNSC के विस्तार का विरोध करते हैं। UNSC की संरचना और भारत की चुनौती सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य हैं: 5 स्थायी (P-5) और 10 अस्थायी सदस्य। P-5 में शामिल हैं अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस, जिन्हें वीटो शक्ति प्राप्त है। ...
महिलाओं के लिए नई 24×7 हेल्पलाइन, मदद अब फ्री और तुरंत
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महिलाओं के लिए नई 24×7 हेल्पलाइन, मदद अब फ्री और तुरंत

नई दिल्ली: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक नई हेल्पलाइन शुरू की है। अब किसी भी महिला को उत्पीड़न, हिंसा या किसी भी आपात स्थिति में 24 घंटे बिना देरी और मुफ्त मदद मिल सकेगी। नई हेल्पलाइन क्यों जरूरी थी पहले NCW की हेल्पलाइन 10 अंकों की थी, जिसे याद रखना मुश्किल था। कई बार महिलाएं मदद की जरूरत होने पर भी नंबर याद नहीं कर पाती थीं। इसे ध्यान में रखते हुए NCW ने शॉर्ट कोड 14490 लॉन्च किया। यह छोटा नंबर आसानी से याद किया जा सकता है। हेल्पलाइन की विशेषताएं 24×7 सेवा: किसी भी समय, किसी भी दिन मदद मिल सकती है। मुफ्त सेवा: कॉल करने पर किसी तरह का शुल्क नहीं। तत्काल मदद: हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी परेशानी के मामले में तुरंत सहायता। संपर्क का पहला पॉइंट: गाइडेंस देना, संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल और समय पर दखल। NCW का संद...
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा, ICT ने लगाया मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप
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बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा, ICT ने लगाया मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप

ढाका।बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगियों पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने मानवता के खिलाफ गंभीर अपराधों के आरोप में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने शेख हसीना, तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को जुलाई–अगस्त 2024 के आरक्षण विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान 1400 प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया। कोर्ट का आदेश और आरोप ICT की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि शेख हसीना ने छात्रों और नागरिकों पर क्रूर दमन के आदेश दिए। कोर्ट ने बताया कि उन्होंने हेलीकॉप्टर और ड्रोन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों पर निगरानी और घातक हमले करने की अनुमति दी। ढाका यूनिवर्सिटी के वीसी को फोन कर धमकी दी कि जैसे रजाकारों को सजा दी गई थी, उसी तरह प्रदर्शनकारियों को भी मारा जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि अस्पतालों को निर्देशित...
बिहार में विपक्ष की करारी हार के बाद महाराष्ट्र में बढ़ी ‘घर वापसी’ की चर्चा
Opinion

बिहार में विपक्ष की करारी हार के बाद महाराष्ट्र में बढ़ी ‘घर वापसी’ की चर्चा

शिंदे और अजित पवार की वापसी के संकेत? शिवसेना–एनसीपी की मूल धारा फिर मजबूत होने की संभावना बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष को मिली बुरी हार ने देशभर की राजनीतिक हवा बदल दी है। बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यहाँ भी तमाम बागी नेता और धड़े पुनः अपने मूल दलों—शिवसेना और एनसीपी—की ओर लौट सकते हैं। चाचा–भतीजा गठबंधन की बात ने बढ़ाई चर्चा सूत्रों के अनुसार, एनसीपी की दो फाड़—अजित पवार और शरद पवार गुट—के बीच अब चुनावी समन्वय की संभावना जताई जा रही है। यह संकेत राजनीतिक गलियारों में इस रूप में लिया जा रहा है कि अजित पवार अपने चाचा शरद पवार के साथ ‘घर वापसी’ कर सकते हैं। शिंदे सरकार में गिरती लोकप्रियता और बढ़ती बेचैनी दूसरी ओर, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार लगातार आलोचना का शिकार हो रही है। मंत्रियों में म...
लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुचिता का प्रश्न और एसआईआर की अनिवार्यता
Opinion

लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुचिता का प्रश्न और एसआईआर की अनिवार्यता

भारत में चुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे जीवंत उत्सव है। मतदान जनता को अपनी आवाज़ सुनाने और नीतिगत दिशा तय करने का अवसर प्रदान करता है। इस दौरान प्रशासन निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ करता है—मतदान केंद्रों की तैयारी से लेकर जागरूकता अभियानों तक। चुनाव आयोग द्वारा की गई व्यवस्थाएँ नागरिकों के भरोसे को मजबूत करती हैं। वोट देना केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है, जो राष्ट्र के भविष्य को दिशा देती है। ✍️ — डॉ. प्रियंका सौरभ भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ शासन की असली शक्ति जनता के हाथों में निहित मानी जाती है। यहाँ सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है और संविधान की स्पष्ट व्यवस्था के अनुसार यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की निष्पक्ष संरचना और उसकी कार्यशैली द्वारा संचालित होती है। मतदाता सूची इस पूरी प्रक्रिया ...