रडार पर आते ही दुश्मन को ‘चबा’ जाता है S-500, क्यों भारत की पहली पसंद बना रूस का ये घातक हथियार
नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के साथ ही रूस के आधुनिकतम एयर डिफेंस सिस्टम S-500 ‘प्रोमेथियस’ ने भारत की रक्षा चर्चा में धमाकेदार वापसी की है। भारत पहले ही S-400 सिस्टम तैनात कर चुका है, जिसने पाकिस्तान की घुसपैठ रोकने में बड़ी भूमिका निभाई थी। अब S-500 को ऐसी क्षमता माना जा रहा है, जो भारत की रक्षा जरूरतों को अगले स्तर पर ले जा सकती है।
आकाश से अंतरिक्ष तक… हर खतरे का अंत
S-500 को 21वीं सदी के सबसे उन्नत खतरों—बैलिस्टिक मिसाइल, हाइपरसोनिक हथियार और निचली कक्षा के सैटेलाइट—को गिराने के लिए बनाया गया है।यह दुनिया के उन बेहद कम सिस्टमों में से है, जो अंतरिक्ष से आने वाले खतरों को भी ढेर कर सकते हैं।
LEO सैटेलाइट भी नहीं बचते
S-500 की खासियत यह है कि यह 200 किमी ऊंचाई तक इंटरसेप्ट कर सकता है। यानी पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद जासूसी, निगरानी और संचार ...










