Wednesday, July 22

Politics

PM मोदी की भविष्यवाणी, बिहार–मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र की घटनाएं और राजनीतिक संकेत
Bihar, Opinion, Politics, State

PM मोदी की भविष्यवाणी, बिहार–मध्यप्रदेश–महाराष्ट्र की घटनाएं और राजनीतिक संकेत

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विजय-संबोधन में एक बड़ी राजनीतिक भविष्यवाणी की—**“बहुत जल्द राष्ट्रीय कांग्रेस दो धड़ों में बँटने वाली है।”उनका यह बयान केवल किसी राजनीतिक कटाक्ष की तरह नहीं था, बल्कि पिछले कुछ वर्षों की घटनाओं और चुनावी परिदृश्यों को देखें तो यह वक्तव्य एक गहरी रणनीति और संकेतों से भरा हुआ दिखाई देता है। **मध्यप्रदेश से शुरुआत, महाराष्ट्र तक विस्तार—क्या कांग्रेस टूट के दौर में है? देश ने देखा कि कैसे मध्यप्रदेश में कांग्रेस को भीतर से तोड़कर भाजपा ने दोबारा सत्ता हासिल की।इसके तुरंत बाद महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी को दो बड़े हिस्सों में बाँटकर सत्ता का नया समीकरण तैयार किया गया।दोनों राज्यों के उदाहरण यह सिद्ध करते हैं कि भाजपा विपक्षी दलों के अंदर छिपे असंतोष को राजनीतिक अवसर में...
“बिहार जीत गया… अब बंगाल की बारी”— बीजेपी समर्थकों के इस संदेश का असल मतलब क्या है?
Bihar, Opinion, Politics, State

“बिहार जीत गया… अब बंगाल की बारी”— बीजेपी समर्थकों के इस संदेश का असल मतलब क्या है?

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर एक नारा तेज़ी से ट्रेंड करने लगा —“बिहार जीत लिया… अब बंगाल!”इस वाक्य ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाई, बल्कि यह एक संकेत भी है कि बीजेपी समर्थक अब अगले बड़े राजनीतिक युद्धक्षेत्र पर नज़रें जमा चुके हैं— पश्चिम बंगाल**। लेकिन यह नारा सिर्फ उत्साह का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे राजनीतिक अर्थ और रणनीतियाँ छिपी हैं। आइए समझते हैं कि आखिर “बिहार जीतकर अब बंगाल की तरफ बढ़ने” का क्या मतलब है। **1. राजनीतिक ऊर्जा और मनोवैज्ञानिक बढ़त का संकेत चुनावों में जीत केवल सीटों का खेल नहीं होती, यह मनोवैज्ञानिक बढ़त भी देती है।बिहार में सफलता ने बीजेपी समर्थकों को यह आत्मविश्वास दिया है कि पार्टी कठिन चुनावों में भी जीत का रास्ता बना सकती है।इसलिए “अब बंगाल” कहना चुनावी ऊर्जा को अगले राज्य में ट्रांसफर करने का संकेत है। ...
बिहार चुनाव में महागठबंधन का ‘सबसे छोटा खिलाड़ी’ बना बड़ा विजेता, IP गुप्ता की जीत ने बदले समीकरण
Bihar, Politics, State

बिहार चुनाव में महागठबंधन का ‘सबसे छोटा खिलाड़ी’ बना बड़ा विजेता, IP गुप्ता की जीत ने बदले समीकरण

बिहार विधानसभा चुनाव के ताज़ा नतीजों में जहां महागठबंधन को बड़े पैमाने पर निराशा झेलनी पड़ी, वहीं गठबंधन के सबसे छोटे सदस्य ने राजनीति के मैदान में अप्रत्याशित रूप से ‘सबसे बड़ा सितारा’ बनकर उभरने का काम किया है। इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के उम्मीदवार आई.पी. गुप्ता ने सहरसा सीट पर धमाकेदार जीत दर्ज कर पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। सहरसा से 2,000 से अधिक वोटों से जीत, पहली ही कोशिश में बड़ा धमाका 55 वर्षीय इंजीनियर-से-नेता बने आई.पी. गुप्ता ने सहरसा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी को 2,000 से अधिक मतों से हराकर चुनावी राजनीति में जबरदस्त एंट्री की। महागठबंधन के हिस्से के रूप में उनकी पार्टी ने सिर्फ तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था, और उनमें से यह एक जीत गठबंधन के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई। जब बड़े चेहरे फेल हो गए, छोटे दल ने दिखाया दम इस चुनाव में कई बड़े नाम मैदान में थे— प्रशांत किशोर...
रोहिणी के ‘तूफान’ से फिर सुर्खियों में लालू परिवार: जानें, RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का पूरा फैमिली ट्री
Bihar, Politics, State

रोहिणी के ‘तूफान’ से फिर सुर्खियों में लालू परिवार: जानें, RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का पूरा फैमिली ट्री

पटना। बिहार की राजनीति को परिभाषित करने वाले सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक—लालू प्रसाद यादव-राबड़ी देवी का परिवार—एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। इस बार वजह है लालू की दूसरी बेटी डॉ. रोहिणी आचार्य, जिन्होंने हाल ही में परिवार और राजनीति दोनों से दूरी बनाते हुए कई तीखे आरोप लगाए और सिंगापुर लौट गईं। राजद की चुनावी हार और परिवार के भीतर उभरे मतभेदों के बीच लोग एक बार फिर लालू यादव के विशाल परिवार को जानने के इच्छुक हैं। आइए समझते हैं RJD सुप्रीमो के पूरे परिवार का विस्तृत परिचय— 🔴 लालू परिवार: नौ बच्चों का बड़ा राजनीतिक कुनबा 1973 में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की शादी हुई। इस दंपत्ति के सात बेटियाँ और दो बेटे हैं। हर संतान का जीवन, पेशा और राजनीतिक भूमिका उन्हें एक अलग पहचान देता है। 👩‍⚕️ 1. मीसा भारती – बड़ी बेटी, सक्रिय नेता एमबीबीएस डिग्रीधारी और राज्यसभा सा...
IAS टीना डाबी को मिलेगा राष्ट्रीय जल पुरस्कार, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित; 2 करोड़ की राशि सहित बड़ी उपलब्धि
Politics, Rajasthan, State

IAS टीना डाबी को मिलेगा राष्ट्रीय जल पुरस्कार, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित; 2 करोड़ की राशि सहित बड़ी उपलब्धि

जयपुर/बाड़मेर: राजस्थान की चर्चित और काबिल IAS अधिकारी टीना डाबी एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। बाड़मेर जिले में वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उनके उल्लेखनीय कार्य को केंद्र सरकार ने सराहा है। इसी उपलब्धि के लिए बाड़मेर जिले को 'प्रथम जल संचय जनभागीदारी पुरस्कार' मिलने जा रहा है। यह सम्मान 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के साथ 2 करोड़ रुपये की सम्मान राशि भी दी जाएगी। बाड़मेर मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान पश्चिमी राजस्थान के कठोर व शुष्क इलाकों में जल संरक्षण हमेशा चुनौती रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया ‘कैच द रेन’ अभियान राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बन गया।अभियान के तहत— बड़े पैमाने पर परंपरागत टांका निर्माण वर्षा जल संग्रहण संरच...
**UP में वोटर लिस्ट शुद्धिकरण तेज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भरा SIR फॉर्म
Politics, State, Uttar Pradesh

**UP में वोटर लिस्ट शुद्धिकरण तेज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भरा SIR फॉर्म

लखनऊ: आगामी विधानसभा और पंचायत चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट को त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्यभर में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाए जा रहे हैं। इसी क्रम में रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी अपना SIR फॉर्म भरकर एसडीएम सदर मनोज सिंह को सौंपा। राजनाथ सिंह ने लिया प्रक्रिया का हिस्सा रविवार को लखनऊ दौरे पर आए राजनाथ सिंह ने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ ही SIR प्रक्रिया में भी भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण प्रदेश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करता है और हर योग्य मतदाता का नाम सूची में होना जरूरी है। राजनाथ सिंह के फॉर्म जमा करने के दौरान एसडीएम सदर मनोज सिंह भी मौजूद रहे। UP में राजनीति गरमाई, SIR प्रक्रिया पर विपक्ष की नजर SIR प्रक्रिया को लेकर प्...
बिहार राजनीति में भूचाल: लालू परिवार में बढ़ी दरार, तेज प्रताप के बाद अब बेटी रोहिणी ने भी तोड़ा रिश्ता
Bihar, Politics, State

बिहार राजनीति में भूचाल: लालू परिवार में बढ़ी दरार, तेज प्रताप के बाद अब बेटी रोहिणी ने भी तोड़ा रिश्ता

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजनीतिक हलचल के साथ साथ लालू प्रसाद यादव के परिवार को भी हिला कर रख दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को सिर्फ 25 सीटें मिलने के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब परिवार टूटने की कगार पर पहुंच चुकी है। बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पहले ही घर से बेदखल किया जा चुका था और अब लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार—दोनों से नाता तोड़ने की घोषणा कर नई हलचल पैदा कर दी है। रोहिणी आचार्य का बड़ा ऐलान—राजनीति और परिवार दोनों से दूरी लालू यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट डालकर सनसनी मचा दी।उन्होंने लिखा—"मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं… संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।" यह बयान न सिर्फ भावनात्मक है बल्कि यह बताता...
तीन दशक बाद टूटा RJD का मुस्लिम–यादव समीकरण, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में NDA की सीटें दोगुनी — सीमांचल में ओवैसी की पार्टी ने दिखाई नई ताकत
Bihar, Politics, State

तीन दशक बाद टूटा RJD का मुस्लिम–यादव समीकरण, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में NDA की सीटें दोगुनी — सीमांचल में ओवैसी की पार्टी ने दिखाई नई ताकत

नई दिल्ली/पटना : बिहार की सियासत में करीब 30 वर्षों से प्रभावी माने जाने वाले आरजेडी के मुस्लिम–यादव (MY) समीकरण को इस विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा झटका लगा है। 1990 के दशक से जिस गठजोड़ पर लालू प्रसाद यादव की राजनीति टिकी रही, वह इस बार मुस्लिम बहुल सीटों पर पूरी तरह बिखरता दिखा। सीमांचल की पांच प्रमुख सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने रिकॉर्ड जीत हासिल कर आरजेडी के इस पारंपरिक वोट बैंक में गहरी सेंध लगा दी है। वहीं एनडीए ने भी मुस्लिम प्रभाव वाली सीटों पर अपनी पिछली संख्या को दोगुना कर नया राजनीतिक संकेत दिया है। सीमांचल में ओवैसी ने जमाई जोरदार पकड़ मुस्लिम आबादी 40% से अधिक वाले सीमांचल की पाँच सीटों—बैसी, जोकीहाट, बहादुरगंज, कोचाधामन और अमौर —पर एआईएमआईएम ने भारी अंतर से जीत दर्ज की है। इन सीटों पर हारने वालों में महागठबंधन और जेडीयू के प्रत्याशी भी शामिल हैं, जबकि...
बिहार चुनाव 2025 का भूचाल: आरजेडी को लगा करारा झटका, 2030 तक राज्यसभा से हो सकती है ‘गायब’!
Bihar, Politics, State

बिहार चुनाव 2025 का भूचाल: आरजेडी को लगा करारा झटका, 2030 तक राज्यसभा से हो सकती है ‘गायब’!

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राजनीतिक भविष्य पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी महज़ 25 सीटों पर सिमट गई। इस करारी हार का असर न सिर्फ बिहार की सियासत में दिखेगा, बल्कि इसका ‘करंट’ 2030 तक दिल्ली के संसद भवन तक महसूस किया जा सकता है। राज्यसभा में कम होता कद, 2030 में हो सकती है ‘शून्य’ उपस्थिति वर्तमान में आरजेडी के 5 राज्यसभा सदस्य हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में एक-एक कर सभी की सदस्यता समाप्त होती जाएगी। राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक, वर्ष 2030 तक पार्टी की राज्यसभा में उपस्थिति खत्म होने की आशंका है। यह स्थिति तीन दशकों में पहली बार देखने को मिल सकती है, जब बिहार के सबसे प्रभावशाली दलों में से एक रही आरजेडी का उच्च सदन में कोई सदस्य न बचे। कौन-कब रिटायर हो रहे हैं? आरजेडी के वर्...
2030 में RJD की मुश्किलें बढ़ेंगी? विधानसभा हार का राज्यसभा चुनावों पर पड़ सकता है बड़ा असर
Bihar, Politics, State

2030 में RJD की मुश्किलें बढ़ेंगी? विधानसभा हार का राज्यसभा चुनावों पर पड़ सकता है बड़ा असर

नई दिल्ली—बिहार विधानसभा चुनाव के अप्रत्याशित नतीजों ने न केवल राज्य की राजनीति को नए सिरे से परिभाषित किया है, बल्कि आरजेडी (RJD) के लिए आने वाले वर्षों में नई चुनौतियों के संकेत भी दे दिए हैं। राज्य में कमजोर प्रदर्शन के बाद अब 2030 में होने वाले राज्यसभा चुनावों में भी पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। RJD की वर्तमान स्थिति और आने वाली चुनौतियां राज्यसभा में फिलहाल RJD के पाँच सदस्य हैं। इनमें से दो—प्रेम चंद गुप्ता और ए.डी. सिंह—अप्रैल 2026 में रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में पार्टी की संख्या और घटने की संभावना है।दूसरी तरफ बीजेपी के पाँच, जेडीयू के चार और कांग्रेस तथा आरएलएम के एक-एक सदस्य मौजूद हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD ने 243 में से 143 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें मात्र 25 सीटों पर विजय मिली। पिछली बार जहाँ RJD 75 में से 45 सीटें जीतकर सबसे बड़ी विपक्षी...