Wednesday, July 22

Politics

बिहार चुनाव के बाद बीजेपी का ताबड़तोड़ एक्शन: आरके सिंह के अलावा 2 और नेताओं को पार्टी से निकाला
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बिहार चुनाव के बाद बीजेपी का ताबड़तोड़ एक्शन: आरके सिंह के अलावा 2 और नेताओं को पार्टी से निकाला

पटना, 15 नवम्बर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बगावत करने वाले तीन नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह के अलावा कटिहार की मेयर ऊषा अग्रवाल और एमएलसी अशोक अग्रवाल शामिल हैं। इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण यह कार्रवाई की गई है। आरके सिंह पर 6 साल का निलंबन, दो और नेताओं की भी पार्टी से बर्खास्तगी बीजेपी ने आरके सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, कटिहार की मेयर ऊषा अग्रवाल और एमएलसी अशोक अग्रवाल पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। बीजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में इन नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया है। बीजेपी के आधिकारिक बयान में कहा गया, "आपकी गतिविधियां पार्टी के विरोध में हैं और ये अनुशासन के उल्लंघन के दायरे में आती हैं। इससे पार्ट...
बिहार ने मोदी-नीतीश की जोड़ी को क्यों किया ‘राइट स्वाइप’? 11 बड़ी वजहें जो बनीं महागठबंधन की हार
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बिहार ने मोदी-नीतीश की जोड़ी को क्यों किया ‘राइट स्वाइप’? 11 बड़ी वजहें जो बनीं महागठबंधन की हार

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने कई राजनीतिक समीकरणों को बदलकर रख दिया। एनडीए ने न केवल जबरदस्त जीत दर्ज की, बल्कि महागठबंधन को भी करारी शिकस्त दी। इस जीत के पीछे कई अहम वजहें थीं, जिन्होंने बिहार की जनता को मोदी और नीतीश की जोड़ी के समर्थन में खड़ा कर दिया। आइए जानते हैं उन 11 कारणों को, जिनकी वजह से बिहार में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत। 1. नी-मो इफेक्ट (नीतीश-मोदी का प्रभाव) बिहार के चुनावी नतीजों में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के संयोजन को 'नी-मो इफेक्ट' के रूप में देखा गया। नीतीश कुमार की स्थानीय लोकप्रियता और नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय अपील का मेल बिहार के मतदाताओं को बहुत आकर्षक लगा। बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था और बिजली की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर नीतीश के नेतृत्व में काम हुए थे, जबकि मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तेज फैसले लेने की छवि को मजबूत किया। यह जोड़...
‘ईमानदार समर्थन से मिली ये बड़ी जीत’, नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद चिराग पासवान का बयान
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‘ईमानदार समर्थन से मिली ये बड़ी जीत’, नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद चिराग पासवान का बयान

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बंपर जीत के बाद केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री के आवास एक अणे मार्ग पर हुई इस मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया। चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के पश्चात आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से मुलाकात कर उन्हें एनडीए के प्रचंड बहुमत की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।" ईमानदारी से समर्थन ने दिलाई सफलता: चिराग पासवान मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई देने आया था। शुक्रवार को मैंने फोन के माध्यम से उन्हें बधाई दी थी और आज शनिवार को व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।" चिराग पासवान ने इस ज...
ऑनलाइन गेमिंग एप से ठगी करने वाला गैंग गिरफ्तार, ग्रेटर नोएडा में दंपती समेत 8 आरोपी अरेस्‍ट
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ऑनलाइन गेमिंग एप से ठगी करने वाला गैंग गिरफ्तार, ग्रेटर नोएडा में दंपती समेत 8 आरोपी अरेस्‍ट

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा की बिसरख पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप के माध्यम से ठगी करने वाले एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस गैंग के सदस्य सोशल मीडिया पर गेमिंग के आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को फर्जी वेबसाइटों पर भेजते थे और गेम खेलने के नाम पर उनसे पैसे जमा करवा लेते थे। पुलिस ने इस गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक दंपती भी शामिल है। आरोपियों ने रोजाना 8 से 10 लाख रुपये तक की ठगी की रकम इकट्ठा की थी। कैसे काम करता था गैंग? पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का नेटवर्क सोशल मीडिया पर गेमिंग विज्ञापन के जरिए लोगों को लुभाता था। ये विज्ञापन 'लियो लिंक' के माध्यम से भेजे जाते थे, जिसके जरिए लोग फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाते थे। एक बार लोग वेबसाइट पर पहुंचते, तो आरोपियों के द्वारा पैसे जमा करने का दबाव बनाया जाता और लोगों को गेम खेलने के नाम पर धनराशि ट्रांसफर करवाई जाती थी। ठग...
आरके सिंह 6 साल के लिए BJP से निकाले गए, बागी नेताओं पर गिरने लगी गाज
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आरके सिंह 6 साल के लिए BJP से निकाले गए, बागी नेताओं पर गिरने लगी गाज

पटना: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में बंपर जीत हासिल करने के बाद अपनी पार्टी के बागी नेताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई का शिकार सबसे पहले बने हैं आरा के पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व नौकरशाह राजकुमार सिंह (आरके सिंह)। बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आरके सिंह पर बीजेपी की सख्त कार्रवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के लंबे समय तक सदस्य रहे आरके सिंह के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते की गई है। हाल ही में आरके सिंह ने पार्टी की लाइन से बाहर जाकर कई विवादित बयान दिए थे, जिसे बीजेपी ने गंभीरता से लिया और इसे पार्टी विरोधी माना। उनके बयानों के बाद बीजेपी ने उन्हें पार्टी से बाहर करने का निर्णय लिया। चुनाव के दौरान विवादों में घिरे रहे आरके सिंह बिहार विधानसभ...
बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव की 5 बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी किश्ती को डुबो दिया
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बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव की 5 बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी किश्ती को डुबो दिया

पटना, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को मिली करारी शिकस्त का मुख्य कारण सिर्फ गठबंधन के कमजोर साथी दल नहीं थे, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और गठबंधन के प्रमुख चेहरा तेजस्वी यादव की पांच बड़ी राजनीतिक गलतियां भी थीं। इन गलत फैसलों ने न केवल महागठबंधन की रणनीति को कमजोर किया, बल्कि कई सामाजिक वर्गों को भी इससे दूर कर दिया, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ा। आइए जानते हैं तेजस्वी यादव की वो पांच बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी लुटिया डुबो दी: 1. उपमुख्यमंत्री पद की गलत घोषणा महागठबंधन की राजनीति में सबसे बड़ी गलती तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए वीआईपी के मुकेश सहनी का नाम घोषित कर दी। यह फैसला न केवल अपरिपक्वता का उदाहरण था, बल्कि इससे राजद को दो बड़े वर्गों—दलितों (19.65% जनसंख्या) और मुस्लिमों (17.7% जनसंख्या)—का समर्थन खोना पड़ा। त...
कट्टा चला… और खुद घायल हो गए तेजस्वी यादव! अपने ‘खिदमतगारों’ ने ही लगा दी उनकी राजनीति को चोट
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कट्टा चला… और खुद घायल हो गए तेजस्वी यादव! अपने ‘खिदमतगारों’ ने ही लगा दी उनकी राजनीति को चोट

पटना, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब तक जिस राजद को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, उसी पार्टी के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव को उनके समर्थकों ने ही चुनावी 'सुनामी' में डुबो दिया। इस बार बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव के सामने उनकी पार्टी के ही ऐसे 'खिदमतगार' चुनौती बनकर उभरे, जिन्होंने उनके प्रयासों को पलीता लगा दिया। समर्थकों के विवादास्पद प्रचार का असर:बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान राजद के कुछ समर्थकों ने ऐसे विवादास्पद गाने और वीडियो बनाए, जिनसे चुनावी माहौल में नकारात्मक प्रभाव पड़ा। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में एक बच्चे ने मंच से गाना गाया, "गे छौंरी गे, लठिया लेके घुमछी… त कहछी गंवार गे। बने देही सीएम तेजस्वी भइया के, तब कट्टा लेके घुमवई त कहिहें।" इस गाने में कट्टा चलाने की धमकी दी गई, जिससे न केवल राजनीति में अशांति फै...
दरभंगा ग्रामीण सीट पर एनडीए की ऐतिहासिक जीत, 30 साल बाद जेडीयू ने तोड़ा आरजेडी का ‘गढ़’
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दरभंगा ग्रामीण सीट पर एनडीए की ऐतिहासिक जीत, 30 साल बाद जेडीयू ने तोड़ा आरजेडी का ‘गढ़’

दरभंगा, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दरभंगा ग्रामीण सीट पर एक ऐतिहासिक परिणाम सामने आया है। यहां पर एनडीए ने पहली बार इस सीट पर विजय हासिल की है, जबकि यह सीट पिछले 30 वर्षों से राजद का अभेद्य किला बनी हुई थी। जेडीयू के उम्मीदवार राजेश कुमार मंडल (उर्फ ईश्वर मंडल) ने राजद के वरिष्ठ नेता ललित यादव को हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया है। राजेश मंडल, जो पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे, ने ललित यादव को 18,453 मतों के अंतर से हराया। मंडल को 80,355 वोट मिले, जबकि ललित यादव को 61,902 वोट प्राप्त हुए। इस परिणाम के साथ जेडीयू ने दरभंगा ग्रामीण सीट पर आरजेडी के 30 साल पुराने शासन को ध्वस्त कर दिया है। इतिहास और चुनावी संघर्ष:यह सीट पहले मनीगाछी विधानसभा के नाम से जानी जाती थी, जहां 1952 से 1995 तक कांग्रेस का दबदबा था। 1995 में कांग्रेस से अलग होकर आरजेडी ने ललित यादव को उम्मीदवार बनाया और ...
विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने की तैयारी: मध्य प्रदेश सरकार की समिति ने तैयार किया प्रस्ताव, जल्द हो सकता है निर्णय
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विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने की तैयारी: मध्य प्रदेश सरकार की समिति ने तैयार किया प्रस्ताव, जल्द हो सकता है निर्णय

भोपाल: मध्य प्रदेश में विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन, भत्ते और पेंशन में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार ने एक समिति का गठन किया है, जिसने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री, श्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में इस समिति की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों में विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं का अध्ययन किया गया। समिति के सदस्य सचिव, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और वित्त सचिव मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के विधायकों को मिलने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन की तुलना की गई। इसके आधार पर मध्य प्रदेश में इसी तरह के प्रस्ताव को लागू करने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को आगामी शीतकालीन सत्र से पहले मंजूरी मिलने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, 30 नवंबर तक विधायकों...
बिहार में महागठबंधन की हार और ‘INDIA’ गठबंधन की नई चुनौती
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बिहार में महागठबंधन की हार और ‘INDIA’ गठबंधन की नई चुनौती

पटना, 15 नवंबर 2025: बिहार चुनाव परिणाम ने एक बार फिर विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के सामने कठिन सवाल खड़े कर दिए हैं। महागठबंधन को मिली करारी हार ने इस राजनीतिक गठबंधन की मजबूती पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या 'INDIA' ब्लॉक के विचार को नए सिरे से परिभाषित करने का समय आ चुका है? बिहार चुनाव में हार का असर 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद विपक्षी दलों ने एकजुट होकर ‘INDIA’ ब्लॉक का गठन किया था, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की प्रमुख ताकत बनकर उभरा था। हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हार ने गठबंधन के भीतर असहमति और विश्वास की कमी को उजागर कर दिया है। महागठबंधन के प्रयास के बावजूद, कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य जातिगत पार्टियों को साथ लाने में आरजेडी सफल नहीं हो पाई, और यही कारण रहा कि जेडीयू-बीजेपी गठबंधन के खिलाफ विपक्ष एक मज...