Tuesday, July 21

Chhattisgarh

नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: हिडमा के बाद अब देवजी की बारी, संगठन में सिर्फ छह बड़े चेहरे बचे
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नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: हिडमा के बाद अब देवजी की बारी, संगठन में सिर्फ छह बड़े चेहरे बचे

नक्सलवाद की कमर लगभग टूट चुकी है। बस्तर से लेकर सीमावर्ती राज्यों तक सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों ने माओवादी संगठन को हिला कर रख दिया है। शीर्ष नेतृत्व के एक-एक चेहरों को जवानों ने निशाना बनाया है। मादवी हिडमा के खात्मे के बाद अब संगठन की टॉप लेवल लीडरशिप में सिर्फ छह बड़े नक्सली बचे हैं। इनमें से सबसे बड़ा नाम देवजी का है, जो इस समय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर नंबर-1 टारगेट है। छह बड़े नक्सली लीडर ही बचे सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और ऑपरेशंस के कारण अब शीर्ष नेतृत्व में केवल छह प्रमुख नक्सली कार्यकर्ता बचे हैं— देवजी गणपति संग्राम उदय गणेश उइके अनल दा इनमें से कई अलग-अलग राज्यों में छिपने पर मजबूर हैं। निरंतर दबाव की वजह से उनके संगठनात्मक ढांचे में भारी गिरावट आई है। देवजी: सुरक्षाबलों का अगला बड़ा टारगेट हिडमा के बाद सबसे खतरनाक ...
‘मर जाऊंगा लेकिन सरेंडर नहीं करूंगा’ — 40 मिनट की मुठभेड़ में ढेर हुआ छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सली हिडमा चार घंटे बाद हुई पहचान, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता
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‘मर जाऊंगा लेकिन सरेंडर नहीं करूंगा’ — 40 मिनट की मुठभेड़ में ढेर हुआ छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सली हिडमा चार घंटे बाद हुई पहचान, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता

रायपुर।छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के सबसे कुख्यात चेहरे और 1 करोड़ से अधिक इनामी माओवादी मादवी हिडमा को सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। संगठन में सबसे खतरनाक माने जाने वाले हिडमा पर 26 बड़े हमलों में शामिल होने का आरोप था। वह अक्सर कहा करता था— "मैं मर जाऊंगा लेकिन सरेंडर नहीं करूंगा।" आखिरकार 40 मिनट की जबरदस्त गोलीबारी में उसका सफर खत्म हो गया। उसकी पत्नी राजे भी इस ऑपरेशन में मारी गई। दो दिन पहले मिला था इनपुट सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को हिडमा की मौजूदगी का पता दो दिन पहले ही चल गया था। लंबे समय से बीमार चल रहे हिडमा ने छत्तीसगढ़ छोड़कर आंध्र प्रदेश में गुप्त रूप से शरण ले रखी थी। वह इलाज की तैयारी में था और उसके साथ सिर्फ कुछ भरोसेमंद लोग और उसकी पत्नी मौजूद थीं।आंध्र प्रदेश का एक व्यक्ति, जो हिडमा की मदद कर रहा था, उसी ने सूचना सुरक्षाबलों तक पहुं...
खैरागढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: 17 लाख की इनामी महिला नक्सली कमला ने किया सरेंडर, कई राज किए उजागर
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खैरागढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: 17 लाख की इनामी महिला नक्सली कमला ने किया सरेंडर, कई राज किए उजागर

खैरागढ़ (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। 17 लाख रुपये की इनामी हार्डकोर महिला नक्सली कमला सोड़ी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। नक्सली कमला ने 12 घंटे पैदल यात्रा कर सरेंडर किया और इस दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी पुलिस को दीं। सरेंडर और सक्रिय भूमिका पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमला सोड़ी सुकमा जिले के अरलमपल्ली गांव की रहने वाली हैं और 2011 से माओवादी संगठन से जुड़ी थीं। उन्होंने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (गोंदिया) और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में करीब 14 साल तक सक्रिय रूप से नक्सली गतिविधियों में हिस्सा लिया।कमला नक्सली संगठन की एमएमसी जोन की प्रमुख सदस्य रही हैं और नक्सली भर्ती, प्रचार और पुलिस पर हमलों की योजना में शामिल रही हैं। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र ...
बिलासपुर: मोबाइल चलाने पर डांट से नाराज नाबालिग ने अर्पा नदी में लगाई छलांग, मौत
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बिलासपुर: मोबाइल चलाने पर डांट से नाराज नाबालिग ने अर्पा नदी में लगाई छलांग, मौत

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): बिलासपुर जिले के सरकंडा इलाके में एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने मोबाइल चलाने पर बड़ी बहन से डांट मिलने के बाद गुस्से में अर्पा नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। यह घटना पूरे इलाके में हड़कंप और मातम का कारण बनी। घटना का विवरण जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा नवीं कक्षा की छात्रा थी। घटना वाली रात वह मोबाइल चला रही थी, जिसे देख बड़ी बहन ने फोन बंद कर सोने के लिए कहा। बहन की डांट से नाराज होकर छात्रा घर से निकल गई और अर्पा नदी के छठ घाट पर पहुंचकर छलांग लगा दी। परिवार ने किया प्रयास, लेकिन नाकाम छात्रा के घर से जाते ही बड़ी बहन ने अपने पिता को सूचना दी। परिवार नदी तक दौड़ा, लेकिन तब तक छात्रा नदी में कूद चुकी थी। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार और स्थानीय लोग उसे बचाने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन वह नहीं रुकी। दो युवकों ने बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई, लेकिन ...