Tuesday, July 21

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यात्री ध्यान दें! चक्रधरपुर रेल मंडल में 25–27 नवंबर तक 32 लोकल ट्रेनें रद्द, लोको पायलटों की परीक्षा बनी वजह
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यात्री ध्यान दें! चक्रधरपुर रेल मंडल में 25–27 नवंबर तक 32 लोकल ट्रेनें रद्द, लोको पायलटों की परीक्षा बनी वजह

जमशेदपुर (रवि सिन्हा/रबि झा) – चक्रधरपुर रेल मंडल में लोको पायलटों की कमी के कारण 25 से 27 नवंबर के बीच कुल 32 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। तीन दिनों तक इस फैसले से रोजाना टाटा नगर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करने वाले स्थानीय यात्रियों को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। लोको पायलटों की परीक्षा बनी कारण:रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 26 नवंबर को चक्रधरपुर में चीफ लोको इंस्पेक्टर (CSI) की परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में लोको पायलट शामिल होंगे, जिससे उनकी उपलब्धता कम हो जाएगी। इस स्थिति को देखते हुए लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन को प्राथमिकता दी गई और लोकल सेवाओं को अस्थायी रूप से रद्द किया गया। ग्रामीण यात्रियों पर भी प्रभाव:इस रद्दीकरण का असर उन ग्रामीण यात्रियों पर भी पड़ेगा जो राष्ट्रपति...
‘पापा से पूछिए’ बयान के बाद फिर विवाद, विभाग संभालते ही नए मंत्री दीपक प्रकाश पत्रकारों से भिड़े
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‘पापा से पूछिए’ बयान के बाद फिर विवाद, विभाग संभालते ही नए मंत्री दीपक प्रकाश पत्रकारों से भिड़े

पटना: बिहार के नव-नियुक्त मंत्री दीपक प्रकाश एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शपथ ग्रहण के बाद अपने विभाग का कार्यभार संभालने के पहले ही दिन उनका मीडिया प्रतिनिधियों के साथ तीखा विवाद हो गया। इस घटनाक्रम ने मंत्रालय में तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया और विपक्ष को नया हमला करने का मौका दे दिया है। पुराने बयान ने बढ़ाया नया बवाल दीपक प्रकाश हाल ही में दिए गए अपने बयान—“मैं मंत्री क्यों बना, पापा से पूछिए”—की वजह से चर्चा में आए थे। विपक्ष ने इस टिप्पणी को ‘वंशवाद का स्वीकार’ बताया था, वहीं सोशल मीडिया पर यह बयान खूब ट्रेंड हुआ था। अब एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें मंत्री पत्रकारों से तीखे लहजे में बहस करते दिख रहे हैं। पहली ही बैठक में बढ़ा तनाव सूत्रों के मुताबिक, दीपक प्रकाश विभाग की पहली आधिकारिक बैठक में पहुंचे थे। मीडिया ने उनसे कार्ययोजना और पिछले बयान पर उनकी स्पष्टता को लेक...
‘लाल आतंक’ के सफाए की अंतिम तैयारी: झारखंड पुलिस ने मिसिर बेसरा और अनल को घेरने की रणनीति तेज की
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‘लाल आतंक’ के सफाए की अंतिम तैयारी: झारखंड पुलिस ने मिसिर बेसरा और अनल को घेरने की रणनीति तेज की

रांची, 22 नवंबर 2025। झारखंड को पूरी तरह नक्सलवादमुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर राज्य पुलिस निर्णायक चरण में पहुँच गई है। चाईबासा वह अंतिम इलाका बचा है, जहां नक्सली सक्रिय हैं। इसके पूर्ण उन्मूलन के लिए पुलिस ने ‘मैन टू मैन मार्किंग’ जैसी विशेष रणनीति लागू की है। एक-एक करोड़ के इनामी नक्सली रडार पर पुलिस के मुताबिक, चाईबासा क्षेत्र में एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के छिपे होने की जानकारी है। वहीं केंद्रीय समिति सदस्य अनल पर भी एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।इसके अलावा राज्य में ऐसे 35 नक्सलियों की सूची तैयार की गई है, जिन पर सरकार ने इनाम घोषित किया है। 2029 तक झारखंड को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य नक्सल उन्मूलन अभियान केंद्र के गृह मंत्रालय की मुहिम के साथ संचालित किया जा रहा है।राज्य पुलिस ने 2029 तक झारखंड को पूरी तरह ‘लाल आतंक’ से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है।नई रणनी...
छर्रा एयरस्ट्रिप पर 80 साल बाद लौटेगी उड़ान की आहट, पूर्वी भारत को मिलेगा नया क्षेत्रीय हब
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छर्रा एयरस्ट्रिप पर 80 साल बाद लौटेगी उड़ान की आहट, पूर्वी भारत को मिलेगा नया क्षेत्रीय हब

बोकारो/पुरुलिया, 22 नवंबर। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित ऐतिहासिक छर्रा एयरस्ट्रिप दशकों की खामोशी तोड़ने के लिए तैयार है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सामरिक महत्व रखने वाली यह हवाई पट्टी अब वाणिज्यिक उड़ानों के लिए पुनर्जीवित की जा रही है। परियोजना पूरी होने पर यह क्षेत्र पूर्वी भारत के नए क्षेत्रीय हब के रूप में उभर सकता है। द्वितीय विश्व युद्ध की धरोहर एयरस्ट्रिप का निर्माण वर्ष 1942–43 में ब्रिटिश प्रशासन ने कराया था यहां से अमेरिकी वायुसेना के B-29 Superfortress जैसे विमान उड़ान भरते थे यह बेस ‘Hump Mission’ का हिस्सा था युद्ध समाप्ति के बाद वर्ष 1945 से संचालन बंद हो गया और हवाई पट्टी निष्क्रिय पड़ी रही स्थानीय लोग वर्षों से इसे एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में देखते रहे, लेकिन संरक्षण और विकास की पहल नहीं हो सकी। पुनर्जीवन की दिशा में बड़े कदम राज्य स...
हिडमा छत्तीसगढ़ तो संभालता था कमांड, बिहार-झारखंड की कमान प्रशांत बोस के पास; अब जेल में पढ़ रहे ‘गीता’, ढूंढ रहे जीवन का सार
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हिडमा छत्तीसगढ़ तो संभालता था कमांड, बिहार-झारखंड की कमान प्रशांत बोस के पास; अब जेल में पढ़ रहे ‘गीता’, ढूंढ रहे जीवन का सार

रांची। केंद्र सरकार भले ही दावा कर रही हो कि नक्सल आंदोलन को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, लेकिन झारखंड के सारंडा क्षेत्र की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है। हाल ही में हुई नक्सली और पुलिस मुठभेड़ ने इस दावे की पोल खोल दी। विशेषज्ञों के अनुसार, हिडमा नक्सलियों की छोटी टीम का कमांडर था और उसका इलाका मुख्य रूप से छत्तीसगढ़-बस्तर रहा। वहीं, प्रशांत बोस उर्फ किशन दा माओवादी आंदोलन के शुरुआती कमांडर थे। वे भाकपा-माओवादी की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के सदस्य रहे। 2001 का हमला और 16 जवानों की मौत साल 2001 की दिवाली के दिन, प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला मरांडी ने धनबाद जिले के तोपचांची स्थित जैप कैंप पर हमला किया। इस हमले में 15 पुलिस अधिकारी और जवान शहीद हो गए। पूरी कैंप को नष्ट कर दिया गया और हथियार व गोला-बारूद लूट लिया गया। 100 से अधिक मामले दर्ज एक करोड़ रुपये के इनाम...
झारखंड विधानसभा रजत जयंती के लिए तैयार, सोमेश सोरेन ने ली सदस्यता की शपथ; राज सिन्हा को मिलेगा उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार
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झारखंड विधानसभा रजत जयंती के लिए तैयार, सोमेश सोरेन ने ली सदस्यता की शपथ; राज सिन्हा को मिलेगा उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार

रांची: झारखंड विधानसभा इस वर्ष 22 नवंबर 2025 को अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ यानी रजत जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। समारोह की तैयारियों में सदन परिसर को सजाया गया है और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सोमेश सोरेन ने ली शपथघाटशिला विधानसभा उपचुनाव में निर्वाचित विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो के चेंबर में सदस्यता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद सदन परिसर में मौजूद समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। शपथ ग्रहण समारोह में जेएमएम के वरिष्ठ नेता और विधायक स्टीफन मरांडी भी मौजूद रहे, जिन्हें पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और एकता का प्रतीक माना गया। उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार और सम्मान समारोहरजत जयंती समारोह का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह होगा। इस अवसर पर देश की सीमा पर और नक्सल अभियान में शहीद हुए ...
बोकारो में ‘शोले’ के रामगढ़ जैसी झलक: दो नदियों का अमर मिलन, युवाओं के लिए नया रील डेस्टिनेशन
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बोकारो में ‘शोले’ के रामगढ़ जैसी झलक: दो नदियों का अमर मिलन, युवाओं के लिए नया रील डेस्टिनेशन

बोकारो: झारखंड न केवल खनिजों की भूमि है, बल्कि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भी मंत्रमुग्ध कर देने वाला है। बोकारो-यूरुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिंडराजोरा से लगभग 15 किलोमीटर दूर, चास प्रखंड के खीराबेड़ा गांव में स्थित चेनद्री डूंगरी और बाघा डूंगरी अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना और ऐतिहासिक महत्व के लिए मशहूर हैं। इन चट्टानों की बनावट देखकर फिल्म 'शोले' के रामगढ़ की याद ताजा हो जाती है। प्रकृति, इतिहास और आस्था का संगमचेनद्री डूंगरी और बाघा डूंगरी सिर्फ पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र भी हैं। चेनद्री डूंगरी में मुस्लिम समुदाय मुहर्रम की रस्में निभाता है, जबकि बाघा डूंगरी में मां काली और बजरंगबली के पूजा स्थल मौजूद हैं। ग्राम देवता का मंदिर भी यहीं स्थित है, जो सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है। बरसात में इन ऊंची चट्टानों का दृश्य और भी मनोरम हो जाता है, वहीं पास का तालाब ग...
झारखंड में मतदाता सूची 2003 से मैपिंग, SIR की तैयारियों का औचक निरीक्षण
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झारखंड में मतदाता सूची 2003 से मैपिंग, SIR की तैयारियों का औचक निरीक्षण

रांची।झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान सूची का अधिकतम मैपिंग करने का निर्देश दिया, ताकि आगामी इन्यूम्यूरेशन प्रक्रिया सुगम हो सके। मुख्य बातें: के. रवि कुमार ने कहा कि जितना अधिक मैपिंग होगा, उतने ही मतदाताओं के लिए इन्यूम्यूरेशन फॉर्म भरना आसान होगा। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी लापरवाही बर्दाश्त न करने और कार्य में कोताही करने वाले बीएलओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सभी स्तर के पदाधिकारियों को निर्वाचन हेतु आवंटित कार्य करना अनिवार्य बताया गया। फील्ड विजिट से समस्याओं का समाधान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा के क्रम में सभी जिलों में मतदाता सूची मैप...
झारखंड: आजादी के 78 साल बाद मिली पक्की सड़क की सौगात, ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से दान की जमीन
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झारखंड: आजादी के 78 साल बाद मिली पक्की सड़क की सौगात, ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से दान की जमीन

जामताड़ा।झारखंड के जामताड़ा जिले के पहरूडीह गांव में आजादी के 78 वर्ष बाद आखिरकार पक्की सड़क का सपना पूरा होने जा रहा है। सालों से विकास की मुख्य धारा से कटे इस आदिवासी बहुल गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अंततः ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क निर्माण के लिए अपनी निजी जमीन सरकार को दान में दे दी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क बनाने को मंजूरी मिली। 60 आदिवासी परिवारों का वर्षों पुराना संघर्ष पहरूडीह गांव में लगभग 450 की आबादी वाले 60 आदिवासी परिवार रहते हैं। गांव में सड़क नहीं होने के कारण चारपहिया वाहन कभी प्रवेश नहीं कर पाता था।बीमार होने पर मरीजों को खटिया या हाथगाड़ी पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाया जाता था। बरसात में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। ग्रामीणों की झुंझलाहट और वर्षों की मांग आखिरकार तब रंग लाई जब ...
घाटशिला उपचुनाव 2025: झामुमो की रोमांचक जीत, सोमेश सोरेन ने बीजेपी के बाबूलाल सोरेन को हराया
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घाटशिला उपचुनाव 2025: झामुमो की रोमांचक जीत, सोमेश सोरेन ने बीजेपी के बाबूलाल सोरेन को हराया

रायबरेली, 14 नवम्बर 2025: झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में एक बार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की शानदार जीत ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने बीजेपी के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को बड़ी बढ़त से हराया, यह साबित करते हुए कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पार्टी की पकड़ अब भी मजबूत है। भावनाओं का असर: सोमेश सोरेन की जीत का आधारघाटशिला उपचुनाव में सोमेश सोरेन की जीत के पीछे सबसे बड़ा कारण भावनात्मक लहर रही। खासकर झामुमो के पक्ष में उस समय जब उनकी मां ने भावुक होते हुए अपने बेटे सोमेश को समर्थन देने की अपील की। यह भावनात्मक पहलू वोटरों पर गहरा असर डालने में सफल रहा। इसके अलावा, रामदास सोरेन की मृत्यु के बाद उपजी सिंपैथी लहर ने भी झामुमो के उम्मीदवार के पक्ष में माहौल तैयार किया। झामुमो के इस जीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के न...