Tuesday, July 21

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अब ChatGPT पर भी बनेंगे दोस्त, कर पाएंगे ग्रुप चैट और मैसेज — OpenAI ने ली Microsoft Teams और WhatsApp को टक्कर देने की तैयारी
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अब ChatGPT पर भी बनेंगे दोस्त, कर पाएंगे ग्रुप चैट और मैसेज — OpenAI ने ली Microsoft Teams और WhatsApp को टक्कर देने की तैयारी

नई दिल्ली। OpenAI का लोकप्रिय एआई चैटबॉट ChatGPT अब सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला टूल नहीं रहेगा — यह जल्द ही एक सोशल और प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म के रूप में भी नजर आने वाला है। कंपनी ने इसमें ग्रुप चैट और डायरेक्ट मैसेज (DM) जैसे फीचर्स जोड़ने की तैयारी कर ली है। इसके बाद ChatGPT न केवल संवाद का माध्यम बनेगा, बल्कि लोग इस पर आपस में बातचीत कर सकेंगे और टीम वर्क भी कर पाएंगे। इन नए फीचर्स के आने के बाद ChatGPT सीधे तौर पर WhatsApp, Slack, Discord और Microsoft Teams जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स को टक्कर देगा। 🔹 नए ChatGPT में क्या होगा खास OpenAI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, आने वाले अपडेट में यूजर्स को ChatGPT के वेब ऐप में ‘Start a group chat’ का बटन दिखाई देगा। इस पर क्लिक कर यूजर नया ग्रुप बना सकेंगे और दूसरों को लिंक शेयर कर जोड़ सकेंगे। ग्रुप चैट की हिस्ट्री भी सेव ...
16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट होंगे बंद, ऑस्ट्रेलिया ने लिया बड़ा फैसला
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16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट होंगे बंद, ऑस्ट्रेलिया ने लिया बड़ा फैसला

सिडनी/नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। 10 दिसंबर से 16 साल से कम उम्र के बच्चे बिना माता-पिता की अनुमति के फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। उनके अकाउंट बंद कर दिए जाएंगे। यह दुनिया का पहला ऐसा कानून है, जो बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए बनाया गया है। क्या है नई प्रक्रिया ऑस्ट्रेलियाई ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के तहत, जिन बच्चों के अकाउंट बंद होने हैं, उन्हें पहले एक नोटिफिकेशन मिलेगा। इसमें तीन ऑप्शन दिए जाएंगे: अपना डेटा डाउनलोड करना प्रोफाइल को फ्रीज करना अकाउंट पूरी तरह बंद कर देना AI की मदद से होगी उम्र की जांच सोशल मीडिया कंपनियां बच्चों की उम्र का अनुमान AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए लगाएँगी। AI यूजर के ऑनलाइन व्यवहार जैसे लाइक, कमेंट और एंगेजमेंट...
चेतावनी! पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय हैकर्स कर सकते हैं आपका बैंक अकाउंट और डेटा चोरी
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चेतावनी! पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय हैकर्स कर सकते हैं आपका बैंक अकाउंट और डेटा चोरी

गूगल ने जारी की नई रिपोर्ट, कैफे, एयरपोर्ट और होटल में फ्री वाई-फाई के उपयोग से बचने की सलाह नई दिल्ली: टेक दिग्गज गूगल ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट “Android: Behind the Screen” में पब्लिक वाई-फाई के इस्तेमाल को लेकर बड़ा सावधानी संकेत जारी किया है। कंपनी ने चेताया है कि कैफे, एयरपोर्ट या होटल जैसी जगहों पर फ्री इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स हैकर्स का शिकार बन सकते हैं। गूगल के अनुसार, पब्लिक वाई-फाई मोबाइल फ्रॉड और साइबर क्राइम का आसान रास्ता बन गया है। इसके जरिए हैकर्स बैंक डिटेल्स, व्यक्तिगत डेटा और प्राइवेट चैट्स तक आसानी से पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टेक्स्ट आधारित घोटाले और ऑनलाइन स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पब्लिक वाई-फाई से बचें – इन कामों के लिए ऑनलाइन बैंकिंग और शॉपिंग पर्सनल अकाउंट एक्सेसगूगल ने यूजर्स को सलाह दी है कि पब्लिक वाई...
चिमनी में जमा गंदगी और चिकनाई अब एक बटन दबाते ही साफ, जानें ऑटो-क्लीनिंग फीचर का आसान तरीका
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चिमनी में जमा गंदगी और चिकनाई अब एक बटन दबाते ही साफ, जानें ऑटो-क्लीनिंग फीचर का आसान तरीका

नई दिल्ली: किचन की चिमनी समय के साथ तेल और धूल से गंदी हो जाती है और इसकी सफाई एक मुश्किल काम बन जाती है। लेकिन अब मॉडर्न किचन चिमनियों में आने वाला ऑटो-क्लीनिंग फीचर इस सिरदर्द को आसान बना देता है। इस फीचर की मदद से आप बस एक बटन दबाकर अपनी चिमनी को नए जैसी चमक दे सकते हैं। ऑटो-क्लीन फीचर कैसे काम करता है इस फीचर में चिमनी के टच पैनल या बटन के माध्यम से इसे ऑन किया जाता है। बटन दबाते ही चिमनी 9 से 15 मिनट के लिए बंद हो जाती है। इस दौरान हीटिंग एलिमेंट तेजी से गर्म होकर चिमनी और एग्जॉस्ट डक्ट में जमी चिकनाई और तेल को पिघलाते हैं, जो ऑटोमैटिक तौर पर ऑयल ट्रे में जमा हो जाता है। इसके बाद यूजर इस ट्रे को निकाल कर आसानी से साफ कर सकता है। क्यों है यह फीचर फायदेमंद ऑटो-क्लीनिंग से चिमनी की सफाई आसान हो जाती है। तेल और चिकनाई पिघलकर ट्रे में जमा होने से फिल्टर को साफ करना कम मेहनत...
गूगल का बड़ा फैसला: प्ले स्टोर अब बताएगा कौन से ऐप्स चूसते हैं सबसे ज्यादा बैटरी, मार्च 2026 से लागू होंगे नए नियम
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गूगल का बड़ा फैसला: प्ले स्टोर अब बताएगा कौन से ऐप्स चूसते हैं सबसे ज्यादा बैटरी, मार्च 2026 से लागू होंगे नए नियम

अब एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर यह पता चल सकेगा कि कौन-से ऐप्स उनकी फोन बैटरी सबसे ज्यादा खत्म करते हैं। गूगल ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि मार्च 2026 से ज्यादा बैटरी ड्रेन करने वाले ऐप्स पर ‘अत्यधिक बैटरी उपयोग’ (Excessive Battery Drain) का लेबल लगाया जाएगा या उन्हें सर्च रिजल्ट में कम दिखाया जाएगा। 🔋 “भुक्खड़ ऐप्स” पर गूगल की सख्ती गूगल की नई पॉलिसी के तहत अब ऐसे ऐप्स पर निगरानी रखी जाएगी जो ‘वेक लॉक’ (Wake Lock) फीचर का अत्यधिक उपयोग करते हैं। यह फीचर फोन की स्क्रीन बंद होने के बाद भी डिवाइस को एक्टिव रखता है, जिससे बैटरी तेजी से खत्म होती है।गूगल नहीं चाहता कि ऐप्स बिना जरूरत के यूजर्स की बैटरी “चुपचाप खा जाएं”, इसलिए उसने सैमसंग के साथ मिलकर यह पॉलिसी तैयार की है। ⚠️ ऐप्स की रैंकिंग पर असर पड़ेगा एंड्रॉयड डेवलपर्स ब्लॉग के मुत...
बाढ़ में बहा iPhone 17 Pro तीन दिन बाद कीचड़ से निकला, चार्ज लगाते ही चल पड़ा — यूजर बोला “ये तो चमत्कार है”
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बाढ़ में बहा iPhone 17 Pro तीन दिन बाद कीचड़ से निकला, चार्ज लगाते ही चल पड़ा — यूजर बोला “ये तो चमत्कार है”

टेक डेस्क | सच्चा दोस्त न्यूज़ — टेक्नोलॉजी के चमत्कार पर यकीन न करने वालों के लिए यह खबर हैरान करने वाली है। एक Reddit यूजर ने दावा किया है कि उसका iPhone 17 Pro, जो बाढ़ में बह गया था, तीन दिन बाद कीचड़ से मिलने पर भी बिना किसी दिक्कत के ऑन हो गया। फोन को चार्ज पर लगाते ही उसने काम करना शुरू कर दिया। यह घटना पूर्वी एशिया के एक शहर की है, जहां हाल ही में आए टाइफून कलगिई ने तबाही मचा दी थी। 🌊 टाइफून में बहा फोन, तीन दिन बाद चमत्कारिक वापसी Reddit पर यूजर ने लिखा कि टाइफून की वजह से उसका पूरा घर पानी में डूब गया था। जान बचाने की कोशिश में उसका iPhone 17 Pro हाथ से फिसलकर बाढ़ में बह गया। तीन दिन बाद जब हालात सामान्य हुए, तो उसने घर का मलबा खंगालना शुरू किया और तभी उसे कीचड़ में दबा अपना फोन मिल गया। यूजर ने बताया, “मुझे लगा फोन पूरी तरह खराब हो गया होगा, लेकिन जब चार्जर से जोड़...
चीन में LGBTQ+ समुदाय पर फिर गिरी गाज — सरकार के दबाव में Apple ने हटाए गे डेटिंग ऐप्स
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चीन में LGBTQ+ समुदाय पर फिर गिरी गाज — सरकार के दबाव में Apple ने हटाए गे डेटिंग ऐप्स

बीजिंग/सिलिकॉन वैली (सच्चा दोस्त न्यूज़):चीन में समलैंगिक समुदाय (LGBTQ+) के लिए बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी टेक दिग्गज Apple ने चीन सरकार के दबाव में आकर अपने ऐप स्टोर से दो लोकप्रिय गे डेटिंग ऐप्स — Blued और Finka — को हटा दिया है। ये दोनों ऐप्स चीन के LGBTQ+ समुदाय के बीच बेहद लोकप्रिय थे और समुदाय के लोगों को आपस में जुड़ने का सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करते थे। सरकारी दबाव के आगे झुकी Apple रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के इंटरनेट नियामक और सेंसरशिप अथॉरिटी के आदेश के बाद Apple ने ये कदम उठाया। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि Apple दुनिया के हर देश में वहां के स्थानीय कानूनों का पालन करती है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल चीन में लागू किया गया है — दुनिया के बाकी देशों में ये ऐप्स अभी भी Apple App Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं। LGBTQ+ समुदाय के लिए बड़ा झटका चीन...
अब रसोई में भी एआई का कमाल: “मेरे पास आलू, पनीर और टमाटर हैं” — तो बताएगा क्या बनेगा हेल्दी पकवान!
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अब रसोई में भी एआई का कमाल: “मेरे पास आलू, पनीर और टमाटर हैं” — तो बताएगा क्या बनेगा हेल्दी पकवान!

नई दिल्ली।अब “आज क्या बनाऊं?” वाला रोज़ का सिरदर्द खत्म समझिए! क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब आपके किचन में भी एंट्री कर चुका है।चाहे आपके पास सिर्फ आलू, पनीर और टमाटर ही क्यों न हों — AI चुटकियों में बता देगा कि इससे कौन-सी स्वादिष्ट और हेल्दी सब्जी बन सकती है। यही नहीं, यह ऐप्स आपकी डाइट, फिटनेस गोल, बच्चों की पसंद और फ्रिज में रखे खाने की ताजगी तक का पूरा हिसाब रखते हैं। 🔹 बस बताइए, घर में क्या रखा है AI रेसिपी ऐप्स जैसे Yummly, SuperCook और Reciepie में बस इतना टाइप करें — “मेरे पास आलू, पनीर और टमाटर हैं” — और कुछ ही सेकंड में मोबाइल स्क्रीन पर दर्जनों रेसिपी सजकर सामने आ जाती हैं।ये ऐप आपकी डाइटरी पसंद — वेज, नॉनवेज, जैन, ग्लूटेन-फ्री या वीगन — के अनुसार सुझाव देते हैं।Yummly ऐप में तो कैमरा मोड से रसोई के सामान को स्कैन करके रेसिपी खोजने का भी फीचर है। 🔹 फिटनेस गोल ...
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: कैसे बदल रहा है सभी पेशों का कार्य वातावरण – भारत के परिप्रेक्ष्य में
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: कैसे बदल रहा है सभी पेशों का कार्य वातावरण – भारत के परिप्रेक्ष्य में

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभाव आज दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। एआई न केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार, न्यायिक व्यवस्थाओं और अन्य क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। एआई आधारित प्रणालियों ने न केवल कार्यों को अधिक कुशल बनाया है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी बेहतर और सटीक किया है। शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन भारत जैसे देश में, जहां शिक्षा का डिजिटलीकरण तेजी से बढ़ रहा है, एआई आधारित स्मार्ट क्लासरूम, पर्सनलाइज्ड लर्निंग और वर्चुअल ट्यूटर छात्रों के सीखने के तरीके को पूरी तरह से बदल रहे हैं। एआई तकनीक छात्रों की सीखने की गति, कमजोरियों और रुचियों का विश्लेषण कर उनके लिए उपयुक्त अध्ययन सामग्री तैयार करती है। यह तकनीक शिक्षकों को भी उनके शिक्षण तरीकों को बेहतर बनाने में मदद करती है।...