Tuesday, July 21

8 घंटे तक तड़पते रहे पति-पत्नी, नहीं आया कोई सुध लेने… दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा

नूंह (हरियाणा): हाईटेक कहे जाने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मानवीय लापरवाही की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नोसेरा के पास मंगलवार आधी रात को हुए भीषण सड़क हादसे में कार सवार दंपत्ति की मौत हो गई। दर्दनाक यह रहा कि दुर्घटना के बाद पति-पत्नी करीब 8 घंटे तक कार में फंसे तड़पते रहे, लेकिन न पुलिस की नजर उन पर पड़ी और न ही एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची।

तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर, कार के उड़े परखचे

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के हिंडौन से दिल्ली लौट रहे लच्छीराम और उनकी पत्नी कुसुमलता की कार को देर रात तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे चल रहे वाहन में जा घुसी और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

घटना रात 12 बजे हुई, लेकिन दुर्घटना का पता बुधवार सुबह करीब 8 बजे चला।

हाईटेक एक्सप्रेसवे पर उठे सवाल

दंपति इतने लंबे समय तक कार में फंसे रहे, लेकिन सीसीटीवी कैमरों, पेट्रोलिंग टीम और NHAI की एम्बुलेंस सेवा में से किसी को भी दुर्घटना की भनक नहीं लगी।

जयसिंहपुर चौकी प्रभारी महेश कुमार के मुताबिक, सुबह सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

सुबह फोन उठाया तो पुलिस ने दी मौत की खबर

मृतक के पिता देवी सिंह ने बताया कि उनका बेटा लच्छीराम 10 साल से पत्नी और चार बच्चों के साथ दिल्ली में रहता था और टाइल-पत्थर का काम करता था।

मंगलवार शाम 7 बजे वह पत्नी के साथ हिंडौन से दिल्ली के लिए निकला था। रातभर घर न पहुंचने पर जब सुबह बेटे के मोबाइल पर फोन किया गया तो कॉल पुलिस ने उठाया और हादसे की जानकारी दी।

गुरुवार सुबह गांव में दंपति का दाह संस्कार किया गया।

“समय पर इलाज मिल जाता तो बच जाती जान” – पिता का आरोप

पीड़ित परिवार का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर रातभर गश्त चलने और अत्याधुनिक कैमरे लगे होने के बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस क्षेत्र में हादसा हुआ वहां की एम्बुलेंस खराब थी, जिसके चलते दूसरी जगह से एम्बुलेंस मंगवानी पड़ी।

लापरवाही पर जवाब-तलब

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के महाप्रबंधक एवं परियोजना निदेशक प्रमोद कौशिक ने घटना पर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि—
लापरवाही कैसे हुई, इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी जिम्मेदार मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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