Tuesday, July 21

4 IUI और 2 IVF फेल… आखिर एक टेस्ट ने खोल दी चार साल की परेशानी की असली वजह

नई दिल्ली, 6 दिसंबर।
कई दंपतियों के लिए प्रेग्नेंसी का सफर उम्मीदों और निराशाओं के बीच चलने वाला बेहद चुनौतीपूर्ण दौर होता है। बार-बार असफल कोशिशें, भारी खर्च और मानसिक तनाव, यह सब मिलकर कपल को तोड़ देता है। ऐसा ही एक मामला फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. महिमा के पास पहुंचा, जहां चार साल से प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रहे 34 वर्षीय दंपति को आखिर एक विशेष टेस्ट ने वह जवाब दे दिया, जिसकी तलाश वे सालों से कर रहे थे।

चार साल से प्रेग्नेंसी की कोशिश, छह साल की शादी

डॉक्टर के अनुसार यह दंपति बीते चार साल से माता-पिता बनने की कोशिश कर रहा था। कई गाइनोकॉलॉजिस्ट से सलाह लेने और विभिन्न उपचार कराने के बावजूद हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

4 बार IUI और 2 बार IVF भी फेल

लगातार असफल प्रयासों के चलते कपल ने

  • चार बार IUI
  • और दो बार IVF
    जैसे एडवांस्ड ट्रीटमेंट भी करवाए, लेकिन हर बार रिपोर्ट नेगेटिव ही आई।

रिपोर्ट्स बिल्कुल नॉर्मल, फिर भी प्रेग्नेंसी नहीं!

डॉक्टर बताती हैं कि पति–पत्नी दोनों की सभी जांचें बिल्कुल सामान्य थीं। न हार्मोनल समस्या, न स्पर्म काउंट में कमी, न किसी तरह की मेडिकल दिक्कत। इसके बावजूद प्रेग्नेंसी न ठहरने से कपल मानसिक रूप से बेहद परेशान था।
यह स्थिति अनएक्सप्लेंड इंफर्टिलिटी कहलाती है—जहां सब कुछ सामान्य होते हुए भी गर्भधारण नहीं होता।

दंपति खुद पर करने लगे संदेह

डॉक्टर के अनुसार अनएक्सप्लेंड केस में कपल अक्सर खुद को दोषी मानने लगता है—
“शायद हमारे अंदर ही कोई कमी है…”
ऐसे विचार कपल की मानसिक स्थिति को और खराब कर देते हैं।

एक अहम टेस्ट ने बदली तस्वीर

लंबी असफलताओं के बाद डॉक्टर ने एक ऐसा टेस्ट कराने का सुझाव दिया जो अब तक दंपति ने कभी नहीं कराया था।
यह टेस्ट न तो ब्लड रिपोर्ट में दिखाई देता है और न ही किसी स्कैन में।

डॉक्टर ने सहमति मिलने पर एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी एनालिसिस (ERA Test) करवाया।

ERA टेस्ट में निकली चौकाने वाली वजह

टेस्ट रिपोर्ट में सामने आया कि महिला का एंडोमेट्रियम Post-Receptive था। यानी
इम्प्लांटेशन विंडो (जिस समय भ्रूण गर्भाशय में चिपकता है) बदल चुकी थी।

इसी वजह से

  • IUI फेल हुए
  • IVF के एम्ब्रायो भी इम्प्लांट नहीं हो पाए
    और बार-बार नतीजा नेगेटिव आता रहा।

सही समय पर इलाज और मिल गया पॉजिटिव रिजल्ट

रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने सही समय पर इम्प्लांटेशन का उपचार तय किया।
कुछ समय बाद दंपति की रिपोर्ट में आखिरकार वह दो गुलाबी लाइनें दिखीं, जिसका इंतजार वे चार साल से कर रहे थे।

अंत में डॉक्टर की सलाह

यह खबर पूरी तरह इंस्टाग्राम पर डॉक्टर द्वारा शेयर की गई जानकारी पर आधारित है।
विशेषज्ञों का कहना है—
“हर दंपति की मेडिकल स्थिति अलग होती है। किसी भी टेस्ट या उपचार से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।”

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.