Tuesday, July 21

भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पाकिस्तानी नेवी कमांडर का दौरा, मोहम्मद यूनुस ने किया स्वागत, भारत के लिए चिंता का विषय

ढाका: पाकिस्तान नौसेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने हाल ही में बांग्लादेश का दौरा किया, जो दोनों देशों के संबंधों में नई चर्चा का कारण बन गया है। इस दौरे के दौरान, पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक स्थित इलाकों में भी ले जाया गया, लेकिन बांग्लादेश सरकार ने इस दौरे को गुप्त रखा और इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। इससे बांग्लादेश की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं, विशेष रूप से ऐसे समय में जब भारत और बांग्लादेश के सुरक्षा प्रमुखों की बैठक हाल ही में नई दिल्ली में हुई थी।

पाकिस्तानी नौसेना कमांडर का दौरा

पाकिस्तानी नौसेना अकादमी के कमांडेट कमोडोर जिया उर रहमान और उनके साथ यात्रा कर रहे तीन अन्य अधिकारियों ने 6 दिसंबर को ढाका के हजरत शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आगमन किया। इसके बाद, यह टीम सड़क मार्ग से चटगांव के लिए रवाना हो गई, जहां उन्हें बांग्लादेश स्पेशल ब्रांच के एजेंटों द्वारा कड़ी सुरक्षा प्रदान की गई।

यह दौरा पाकिस्तान के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों का बांग्लादेश में तीसरा दौरा था। इससे पहले, पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने नवंबर में बांग्लादेश का दौरा किया था।

पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों का दौरा: बांग्लादेश के संकेत

जानकारों के मुताबिक, बांग्लादेशी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के दौरे का निमंत्रण बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस और आर्मी चीफ जनरल वकर-उज-जमान की मंजूरी के बाद ही दिया गया था। बांग्लादेश में पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों का यह दौरा एक ऐसे समय में हुआ है, जब बांग्लादेश की सरकार की आंतरिक और बाहरी नीति पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। खासकर, जब भारत और बांग्लादेश के सुरक्षा प्रमुखों के बीच पिछले दिनों एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी।

लालमोनिरहाट एयरबेस का अपग्रेडेशन: भारत के लिए खतरा?

बांग्लादेश सरकार इन दिनों अपने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र स्थित लालमोनिरहाट एयरबेस को अपग्रेड कर रही है, जो भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह एयरबेस पहले से ही भारत के लिए एक रणनीतिक महत्व रखता है, और अब इसे और अधिक उन्नत बनाने की प्रक्रिया से भारत की सुरक्षा चिंताएँ बढ़ सकती हैं। खासकर, यह देखते हुए कि पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों और उनके खुफिया एजेंटों ने इस एयरबेस का दौरा किया है, जो भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

हालांकि, बांग्लादेशी सेना के अधिकारियों का कहना है कि लालमोनिरहाट एयरबेस का अपग्रेडेशन इस तरह से नहीं किया जाएगा, जिससे भारत के लिए सैन्य खतरा उत्पन्न हो सके। फिर भी, यह दौरा और बांग्लादेशी सरकार द्वारा की जा रही गतिविधियाँ भारत के लिए एक नए सुरक्षा चैलेंज के रूप में सामने आ सकती हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर

इस दौरे और अन्य गतिविधियों को लेकर भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि बांग्लादेश की यह सरकारी नीति पाकिस्तान और तुर्की के साथ मिलकर भारत के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने की ओर इशारा कर सकती है। हालांकि बांग्लादेश ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान और तुर्की के समर्थन का कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, लेकिन पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों का यह निरंतर दौरा भारत के रणनीतिक हितों के खिलाफ जा सकता है।

निष्कर्ष

पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों का बांग्लादेश में आना और सीमा के पास स्थित क्षेत्रों का दौरा भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है। बांग्लादेश और पाकिस्तान के बढ़ते सैन्य संबंध भारत के सुरक्षा माहौल को प्रभावित कर सकते हैं, और इस स्थिति में भारत को अपनी सीमा और रणनीतिक रक्षा नीतियों को पुनः विचारने की आवश्यकता हो सकती है।

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