Tuesday, July 21

विधायक बनते ही मंत्री बनीं प्रतिमा बागरी, अब फैमिली में गांजा तस्करी का झटका

सतना। राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर विवादों में हैं। उनके सगे भाई अनिल बागरी को सतना पुलिस ने 46 किलो गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। वहीं, उनके जीजा शैलेंद्र सिंह सोमू पहले से ही यूपी की जेल में बंद हैं। इस मामले पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री प्रतिमा बागरी ने तुनकते हुए कहा, “जबरदस्ती की बात क्यों करते हो तुम लोग?” और मीडिया सवालों का जवाब न देते हुए आगे बढ़ गईं।

भाई और जीजा का तस्करी नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार, मंत्री के परिवार के दो सदस्य—भाई और जीजा—एमपी और यूपी में गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। भाई अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि जीजा पहले से ही जेल में बंद है।

राजनीतिक सफर और उपलब्धियां

प्रतिमा बागरी सतना जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने मास्टर ऑफ सोशल वर्क और कानून (Law) की डिग्री हासिल की है। राजनीति की शुरुआत उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा में महामंत्री पद से की और बाद में सतना जिला संगठन मंत्री बनीं।

2021 में रैगांव विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया था, लेकिन उस चुनाव में कांग्रेस की कल्पना वर्मा ने जीत हासिल की। 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रतिमा बागरी ने कांग्रेस की कल्पना वर्मा को 36,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर पहली बार विधायक बनकर अपनी पहचान बनाई। बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र में युवा महिला चेहरे के रूप में उन्हें मंत्री बनाया गया।

‘फायरब्रांड’ छवि की चर्चा

मंत्री बनने के बाद प्रतिमा बागरी ने अपनी सक्रियता और सख्त कार्यशैली के कारण चर्चा बटोरी। अस्पताल और सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को फटकारना और तेज़ लहजे में संवाद उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।

भाई की गिरफ्तारी का झटका

भाई की गिरफ्तारी के बाद उनकी स्वच्छ और सख्त छवि को बड़ा धक्का लगा है। मंत्री ने मीडिया से कहा कि “मीडिया अपने आप से रिश्तेदारी बना लेती है, पहले पुष्टि करें। हमारी सरकार कानून के मुताबिक काम कर रही है।”

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