Tuesday, July 21

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर नवविवाहित जोड़े का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल: ATMS मैनेजर का शर्मनाक खुलासा, CM तक पहुंची शिकायत

लखनऊ/सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला उजागर हुआ है। हलियापुर टोल प्लाजा पर तैनात ATMS मैनेजर आशुतोष सरकार उर्फ आशुतोष विश्वास ने हाईटेक CCTV कैमरों का उपयोग सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि अपनी ‘काली कमाई’ के लिए किया। महिलाओं और कपल्स की गतिविधियों पर नजर रखना, वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करना और मोटी रकम वसूलना—ये सब उसका रोज़ाना का काम बन चुका था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया, जिसके बाद आरोपी को बर्खास्त कर दिया गया।

कैसे हुआ पर्दाफाश? नवविवाहित जोड़े का मामला बना ट्रिगर

ताजा घटना 25 अक्टूबर की है। लखनऊ का एक नवविवाहित जोड़ा कार रोककर निजी पल बिता रहा था। आशुतोष ने CCTV कैमरा जूम कर उनकी गतिविधि रिकॉर्ड की और बाइक से उनके पास पहुंच गया।

  • 32,000 रुपये की वसूली
  • वीडियो वायरल करने की धमकी
  • पैसे लेने के बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाया भी

यह मामला सामने आते ही पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की, जिसके बाद पूरा मामला तूल पकड़ गया।

लंबी लिस्ट है ब्लैकमेलिंग की

जांच में पता चला कि आशुतोष सिर्फ कपल्स ही नहीं, बल्कि—

  • दुर्घटना वाले वाहनों के नंबर बदलता था
  • आरोपी वाहनों को बचाने के लिए भारी रकम लेता था
  • पुलिस व टोल गश्ती दल तक को ब्लैकमेल करता था

एक घटना में उसने पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाकर 2,000 रुपये वसूले। अयोध्या के एक युवक से 10,000 रुपये ऐंठने का मामला भी सामने आया।

CCTV सिस्टम बना ‘गैरकानूनी कमाई’ का जरिया

ग्रामीण महिलाओं की भी अवैध निगरानी की शिकायतें सामने आईं।
जरईकला, हलियापुर और गौहनिया गांव की कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि वह—

  • घर से निकलने
  • शौच जाने
  • व्यक्तिगत गतिविधियों

तक की निगरानी करता था। शिकायतकर्ताओं ने सीएम को भेजे पत्र में CCTV फुटेज से इसकी पुष्टि होने का दावा किया है।

कंपनी SCAIPL ने आरोपी को किया बर्खास्त

SCAIPL ने आशुतोष को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया—

  • CCTV फुटेज लीक करना गंभीर अपराध
  • कंपनी की साख को भारी नुकसान
  • सभी एक्सेस, दस्तावेज व सामग्री जमा करने का निर्देश

यह कार्रवाई एक्सप्रेसवे की सुरक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है।

पुलिस ने क्या कहा?

सीओ बल्दीराय सौरभ सामंत ने बताया—
“पीड़ितों से संपर्क किया गया है। वे दूर रहते हैं, लेकिन FIR हम स्वयं दर्ज करेंगे।”

SP सुल्तानपुर कुंवर अनुपम सिंह ने कहा—
“शिकायतकर्ताओं से संपर्क किया जा रहा है। तहरीर मिलते ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

नतीजा: हाईटेक सुरक्षा सिस्टम की बड़ी नाकामी

यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की हरकत नहीं, बल्कि यह संकेत है कि सुरक्षा तंत्र में कितनी बड़ी खामियां मौजूद हैं। यदि CCTV एक्सेस का सही नियमन नहीं हुआ, तो ऐसी घटनाएं दोबारा होने से नहीं रोकी जा सकतीं।

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