Tuesday, July 21

भारतीय जलसीमा में घुसे 11 पाकिस्तानी मछुआरे, कच्छ में गिरफ्तार सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, संदिग्ध गतिविधि की गहराई से जांच जारी

अहमदाबाद/कच्छ। भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा पर एक बार फिर संदिग्ध गतिविधि सामने आई है। गुजरात के कच्छ तट पर भारतीय तटरक्षक बल ने बुधवार को ‘अल वली’ नाम की पाकिस्तानी नाव को भारतीय जलक्षेत्र में अवैध रूप से घुसते हुए पकड़ा। नाव पर सवार 11 पाकिस्तानी नागरिकों, जिनमें 2 नाबालिग भी शामिल हैं, को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

तटरक्षक बल की हाई-स्पीड इंटरसेप्टर बोट सी-437 ने नियमित गश्त के दौरान करीब 12:30 बजे इस नाव को भारतीय सीमा में संदिग्ध रूप से प्रवेश करते पाया। तलाशी में सभी व्यक्तियों ने खुद को मछुआरा बताया, लेकिन बिना अनुमति भारत की समुद्री सीमा में घुसने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। नाव को जखाऊ बंदरगाह लाकर सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।

नाव से क्या मिला, क्यों बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता?

प्रारंभिक जांच में नाव से कोई हथियार या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा के इतने करीब और बिना अनुमति प्रवेश को लेकर कई सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या नाव सच में मछली पकड़ने के उद्देश्य से आई थी या इसके पीछे कोई और मंशा छिपी हुई है।

इंटरसेप्टर बोट सी-437 की नज़र से नहीं बच पाया घुसपैठ

2018 में तैनात की गई सी-437 इंटरसेप्टर बोट तटरक्षक बल की तेज और उन्नत श्रेणी की नौकाओं में से एक है।

  • यह 83 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गश्त कर सकती है
  • एडवांस्ड नेविगेशन और संचार प्रणाली से लैस
  • मई 2024 में बेहोश मछुआरे को बचाने और 2021 में पाकिस्तानी नाव से हेरोइन बरामद करने जैसे ऑपरेशनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है

इसी सतर्कता के चलते नाव को भारतीय सीमा में घुसते ही पकड़ा जा सका।

कानूनी कार्रवाई शुरू, जांच आगे बढ़ी

तटरक्षक बल ने नाव को जब्त कर लिया है और सभी 11 पाकिस्तानी नागरिकों से पूछताछ जारी है। एजेंसियां यह जांचने में जुटी हैं कि कहीं यह अवैध प्रवेश किसी बड़े नेटवर्क या गतिविधि का हिस्सा तो नहीं।

भारतीय सुरक्षा बलों की सतर्क निगरानी के चलते एक और संभावित खतरा समय रहते टल गया है।

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