Tuesday, July 21

मौलाना कारी इसहाक गोरा ने जताई चिंता: बेटियां इस्लाम छोड़ दूसरे मजहब की ओर क्यों?

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): देवबंद के प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान और जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने मुस्लिम लड़कियों के धर्म बदलने के बढ़ते रुझान पर गंभीर चिंता जताई है। गुरुवार को जारी वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण परवरिश और घर का माहौल है, न कि तालीम।

रोकने या दबाने से नहीं होगा समाधान:
मौलाना गोरा ने परिवारों को सलाह दी कि बेटियों पर पाबंदी लगाना या पढ़ाई रोकना सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा, “बेटियों को तालीम देना खतरा नहीं, असली खतरा है कि हम उन्हें सही संस्कार, सही माहौल और तर्बियत नहीं दे पा रहे। रोकना या दबाना हल नहीं है, बल्कि दोस्ताना रिश्ता और मोहब्बत का माहौल जरूरी है।”

इस्लामी तालीमात पर जोर:
उन्होंने घरों में इस्लामी तालीम की कमी को चिंता का कारण बताया। माता-पिता दुनियावी शिक्षा पर ध्यान देते हैं, लेकिन अखलाक और ईमान की तर्बियत अक्सर पीछे रह जाती है। मौलाना के अनुसार, इसी कमी का फायदा बाहरी ताकतें उठाती हैं और बेटियां गलत रास्तों पर चली जाती हैं।

भावनाओं और घर के माहौल पर ध्यान:
कारी इसहाक गोरा ने कहा कि अक्सर परिवार लड़कियों की भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं करते। घर में खुलकर बात करने का माहौल होना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम परिवारों से अपील की कि घर में दीन की रोशनी हो, भरोसा और इज्जत का माहौल हो, ताकि बेटियां सुरक्षित महसूस करें और कोई बाहरी ताकत उन्हें बहका न सके।

धार्मिक महकमे में चर्चा तेज:
मौलाना के बयान के बाद देवबंद और सहारनपुर के धार्मिक और सामाजिक महकमे में इस मुद्दे पर गहन चर्चा शुरू हो गई है।

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