Tuesday, July 21

मथुरा का ‘मिनी जामताड़ा’ ध्वस्त: 300 पुलिसकर्मियों की मेगा रेड, 42 ठग पकड़े गए — साइबर फ्रॉड पर तगड़ा प्रहार

मथुरा।
साइबर अपराध के केंद्र बन चुके मथुरा के कई ग्रामीण इलाकों में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के गढ़ को ध्वस्त कर दिया। देवसेरस, दौलतपुर, मडोरा और नगला कातिया जैसे कुख्यात गांवों में एक साथ दबिश देकर पुलिस ने 42 संदिग्धों को पकड़ा, जिनमें 37 की गिरफ्तारी पक्की कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

300 पुलिसकर्मियों की एक साथ रेड

इस अभियान में 4 एडिशनल एसपी, 4 सीओ, 26 इंस्पेक्टर और कुल 300 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे। सुनियोजित योजना के तहत सभी टीमों ने अलग-अलग दिशाओं से गांवों को घेरा और तड़के सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

गैंगस्टर एक्ट में 31 आरोपी, फर्जी आधार कार्ड बरामद

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि 37 पकड़े गए ठगों में से 31 पर गैंगस्टर एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा समेत कई संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छापेमारी के दौरान फर्जी सिम कार्ड बनाने में उपयोग होने वाले अनेक आधार कार्ड, मोबाइल फोन, सिम पैक और ठगी में इस्तेमाल सामग्री बरामद हुई।

OTP और APK लिंक भेजकर खाली करते थे खाते

साइबर गिरोह का मुख्य तरीका था—

  • मोबाइल पर OTP मांगना
  • शादी कार्ड / गिफ्ट लिंक भेजना
  • APK फाइल डाउनलोड कराकर फोन का पूरा डेटा हैक करना

इन तरीकों का इस्तेमाल कर गिरोह देशभर के लोगों के बैंक खातों को खाली करता था।

फरार ठगों की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि करीब 10 अपराधी अभी भी फरार हैं, जिनकी पहचान हो चुकी है और गिरफ्तारी के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं।
एसएसपी ने कहा कि मथुरा को साइबर अपराधमुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

यह कार्रवाई प्रदेश में बढ़ते ऑनलाइन ठगी नेटवर्क पर पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार मानी जा रही है।

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