Tuesday, July 21

वोट चोरी का खेल अब नहीं चलेगा, दिल्ली में यूथ कांग्रेस की लोकतंत्र की ‘शवयात्रा’

नई दिल्ली/जयपुर: हरियाणा में राहुल गांधी द्वारा किए गए वोट चोरी के खुलासे के बाद कांग्रेस का यह मुद्दा सड़क तक पहुंच गया है। शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध का स्वरूप इतना तेज था कि इसे लोकतंत्र की शवयात्रा के रूप में पेश किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किए गए थे।

CEC की नियुक्ति पर सवाल

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट चुराने की सुनियोजित साजिश के तहत ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि इसी खेल से लोकसभा चुनाव हाईजैक किए गए और मोदी प्रधानमंत्री बने। भानु ने आरोप लगाया कि वोट चोरी से लोकतंत्र केवल दबाया नहीं गया बल्कि सरकार और चुनाव आयोग द्वारा उसकी हत्या की गई

लोकतंत्र की शवयात्रा गांव-गली तक

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह लोकतंत्र की अंतिम यात्रा है, जिसकी हत्यारे ज्ञानेश कुमार, सुखबीर संधू और विवेक जोशी हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में संसद के निकट युवा कांग्रेस के साथियों ने इस शवयात्रा में हिस्सा लिया। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन जल्द देश के गांव और गली-चौराहों तक पहुंचेगा।

जयपुर में भी विरोध और गिरफ्तारी

दिल्ली के साथ ही जयपुर में भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय के निकट विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी के समर्थन और बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
सारांश:
हरियाणा में वोट चोरी के खुलासे ने कांग्रेस को सक्रिय कर दिया है। दिल्ली और जयपुर में यूथ कांग्रेस ने लोकतंत्र की शवयात्रा निकालकर चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई, और यह अभियान जल्द ही अन्य हिस्सों तक फैलने की संभावना है।

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