Tuesday, July 21

चांदी में रिकॉर्ड छलांग, ₹6000 से ज्यादा उछाल ने बढ़ाई हलचल तेजी के पीछे मजबूत कारण, लेकिन एक्सपर्ट कर रहे सावधान

नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में सोमवार को एक बार फिर जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। चांदी ने निवेशकों को चौंकाते हुए तेज छलांग लगाई और सोना भी मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। हालांकि, जहां एक ओर रिकॉर्ड तेजी ने उत्साह बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर एक्सपर्ट आने वाले दिनों में गिरावट की आशंका भी जता रहे हैं।

चांदी ₹6000 से ज्यादा उछली
एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी सोमवार को ₹6000 से अधिक उछल गई। दोपहर करीब 3 बजे यह 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ 1.99 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले पिछले हफ्ते चांदी ने पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया था। हालांकि, इसके बाद मुनाफावसूली के चलते कीमतों में कुछ नरमी भी देखने को मिली थी।

सोना भी तेजी में शामिल
सोने की कीमतों में भी मजबूती बनी रही। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे ₹1700 की बढ़त के साथ 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे साफ है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है।

अमेरिकी फेड के फैसले से मिला सहारा
कीमती धातुओं में यह तेजी वैश्विक संकेतों से भी जुड़ी है। पिछले हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद डॉलर इंडेक्स गिरकर करीब दो महीने के निचले स्तर 98.32 पर आ गया। कमजोर डॉलर ने सोने-चांदी दोनों को मजबूत सहारा दिया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनके भाव दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।

2025 में चांदी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
साल 2025 चांदी के लिए असाधारण साबित हुआ है। 2024 में 20 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न देने के बाद 2025 में चांदी की कीमतों में अब तक 100 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह 1979 के बाद की सबसे बड़ी सालाना तेजी मानी जा रही है। तकनीकी तौर पर भी चांदी ने कई वर्षों से चली आ रही कंसॉलिडेशन की स्थिति को तोड़ते हुए नए रिकॉर्ड बनाए हैं।

क्या यह तेजी टिकेगी? एक्सपर्ट की चेतावनी
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। Prithvifinmart Commodity Research के मनोज कुमार जैन के अनुसार, सोना और चांदी में इंट्रा-डे स्तर पर तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में ये अपने प्रमुख सपोर्ट स्तरों के ऊपर बने रह सकते हैं।
वहीं, वीटी मार्केट्स के सीनियर एनालिस्ट जस्टिन खू का कहना है कि चांदी तकनीकी रूप से ओवरस्ट्रेच्ड स्थिति में है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने चेताया कि अगर चांदी 1.90 लाख रुपये के स्तर से नीचे फिसलती है, तो कीमतें 1.85 लाख से 1.80 लाख रुपये तक भी जा सकती हैं।

निवेशकों के लिए संदेश
तेज रफ्तार से बढ़ती कीमतें जहां मुनाफे का मौका दिखा रही हैं, वहीं अचानक गिरावट का जोखिम भी बना हुआ है। ऐसे में विशेषज्ञों की राय है कि निवेशक जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर ही कोई फैसला लें।

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