Tuesday, July 21

रेगिस्तान में मां को तलाशता रहा ‘छोटा जहाज़’, जैसलमेर में मां-बच्चे के अटूट रिश्ते ने नम की आंखें

रेगिस्तान की तपती रेत पर सामने आया यह दृश्य इंसानी दिल को झकझोर देने वाला था। जैसलमेर जिले के लाठी क्षेत्र में प्रसव के दौरान ऊंटनी की मौत के बाद उसका नवजात बच्चा करीब पांच दिनों तक अपनी मृत मां के इर्द-गिर्द भटकता रहा। वह कभी अपनी मां को उठाने की कोशिश करता, तो कभी उसकी ओर देखकर दर्द भरी आवाज़ निकालता रहा। यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

प्रसव के दौरान उठ गया मां का साया

जानकारी के अनुसार सोढाकोर गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में एक ऊंटनी ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा के दौरान उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई। जन्म के तुरंत बाद मां का साया सिर से उठ जाने के बाद ऊंट का बच्चा बेसहारा हो गया। वह लगातार अपनी मृत मां के पास ही बैठा रहा और आसपास घूमकर मानो उसे ढूंढने की कोशिश करता रहा।

आवारा कुत्तों के हमले में हुआ घायल

मां की मौत के अगले ही दिन ऊंट के बच्चे पर आवारा श्वानों ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चोट लगने के बावजूद वह न तो वहां से हटा और न ही भोजन-पानी की तलाश में गया। पांच दिनों तक वह अपनी मां के शव के आसपास चक्कर लगाता रहा। कभी सिर से धक्का देकर मां को उठाने की कोशिश करता, तो कभी करुण आवाज़ में चिल्लाता नजर आया।

चरवाहों ने देखा दिल दहला देने वाला मंजर

ओरण क्षेत्र में चराई के लिए पहुंचे चरवाहों ने जब यह दृश्य देखा तो वे भी भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि ऊंट का बच्चा लगातार मां के पास ही बैठा रहता था और उसे उठाने की कोशिश करता था। यह दृश्य देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए।

गौशाला टीम ने किया रेस्क्यू

घटना की सूचना सोढाकोर गांव के भवानी सिंह भाटी, हिन्दू सिंह भाटी और सांग सिंह भाटी ने जगदंबा सेवा समिति ट्रस्ट को दी। सूचना मिलते ही भादरिया गौशाला से गोरक्षक गोपाल सिंह भाटी, दिनेश सिंह देवड़ा, थानाराम भील सहित अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। टीम ने घायल ऊंट के बच्चे को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर गौशाला पहुंचाया, जहां उसका इलाज और देखभाल शुरू की गई।

फिलहाल ऊंट के बच्चे की हालत में सुधार बताया जा रहा है।

संवेदनाओं की मिसाल बनी यह घटना

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पशुओं में भी मां-बच्चे का रिश्ता उतना ही गहरा, संवेदनशील और भावनात्मक होता है जितना इंसानों में। शब्दों के बिना भी वे अपना दर्द और प्रेम पूरी दुनिया को महसूस करा देते हैं।

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