Tuesday, July 21

नवादा मॉब लिंचिंग पर AIMIM का सरकार पर तीखा प्रहार ‘कान उखाड़े गए, अमानवीय यातनाएं दी गईं—यह कम्युनलिज़्म नहीं तो क्या?’ : अख्तरुल ईमान

बिहार के नवादा जिले में कपड़ा विक्रेता अतहर की मॉब लिंचिंग से हुई मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए इस घटना को सरकार की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री के “नाक के नीचे” घटी है और अगर इसे कम्युनलिज़्म नहीं कहा जाएगा तो फिर और क्या कहा जाएगा।

अख्तरुल ईमान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपराध, सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात कही थी, लेकिन नवादा की यह घटना उन दावों की सच्चाई उजागर करती है।

‘अतहर के साथ अमानवीय हैवानियत हुई’

एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में AIMIM विधायक ने घटना का विवरण साझा करते हुए कहा कि 40–45 वर्षीय अतहर पिछले करीब 20 वर्षों से साइकिल पर कपड़े बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। सरकारी नौकरी न मिलने के बाद उसने मेहनत-मजदूरी को ही जीवन का आधार बनाया।

उन्होंने बताया कि रोह थाना क्षेत्र के भट्टा पार गांव में अतहर की साइकिल पंचर हो गई थी। पंचर बनवाने के लिए मैकेनिक की तलाश के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पहले उसका नाम पूछा और फिर 10–15 लोगों की भीड़ ने उस पर हमला कर दिया

अख्तरुल ईमान के अनुसार, पीड़ित के साथ बेहद क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया गया। उसे बुरी तरह पीटा गया, गंभीर यातनाएं दी गईं और अधमरी हालत में छोड़ दिया गया। इलाज के दौरान अतहर की मौत हो गई।

‘बिहार में भी मॉब लिंचिंग की शुरुआत?’

AIMIM नेता ने कहा कि यह घटना अखलाक और पहलू खान जैसी घटनाओं की याद दिलाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिहार अब अहिंसा और गौतम बुद्ध की धरती नहीं रहेगा? क्या यहां भी हिंसा और भीड़तंत्र का राज स्थापित हो रहा है?

स्पीडी ट्रायल और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

अख्तरुल ईमान ने मांग की कि मामले में सभी आरोपियों पर स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मॉब लिंचिंग से संबंधित धारा 103(2) नहीं लगाई, जो एक गंभीर चूक है।

उन्होंने कहा कि इस लापरवाही के लिए थाना प्रभारी सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर साजिश के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी जवाबदेह ठहराया जाए।

‘बुलडोजर की राजनीति से नहीं मिलेगा इंसाफ’

बिहार के गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए अख्तरुल ईमान ने कहा कि बुलडोजर की भाषा समाज में भय का माहौल पैदा करती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में ईमानदार है तो हत्या के आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करे, न कि प्रतीकात्मक बयानबाजी।

सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी

AIMIM नेता ने कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही घटनास्थल का दौरा करेगा और मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और डीजीपी से मुलाकात कर न्याय की मांग रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी।

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