Tuesday, July 21

पंचायत सचिव को धमकी और जातिसूचक भाषा का मामला आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र पर चलेगा मुकदमा, एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी सुनवाई

पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट देखने को मिल रही है। मनेर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र के खिलाफ पंचायत सचिव को फोन पर धमकी देने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में मुकदमा चलेगा। यह मामला अब पटना सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में पहुंचेगा।

मामला जुलाई 2025 के आसपास का बताया जा रहा है, जब मनेर प्रखंड के बलुआ पंचायत के सचिव संदीप कुमार से विधायक भाई वीरेंद्र की फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान विधायक पर पंचायत सचिव को धमकाने, अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने और “जूता से मारने” जैसी बातें कहने का आरोप है। बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया।

शिकायत के बाद बढ़ीं मुश्किलें
पंचायत सचिव संदीप कुमार ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विधायक ने न केवल सरकारी कर्मचारी के साथ अभद्रता की, बल्कि जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया।

एससी-एसटी एक्ट थाने की पुलिस पदाधिकारी प्रिया गुप्ता ने जांच के उपरांत भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत 28 नवंबर को विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद एससी-एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने मामले को एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया।

कोर्ट में होगी सुनवाई
अब इस प्रकरण की सुनवाई पटना सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में होगी। आरोप सिद्ध होने की स्थिति में विधायक भाई वीरेंद्र की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के आचरण और सरकारी कर्मचारियों के सम्मान से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और सभी की निगाहें अब अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।

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