Tuesday, July 21

गुजरात की पहली मुस्लिम महिला आईपीएस सारा रिजवी को जम्मू-कश्मीर में दो साल का एक्सटेंशन

गुजरात कैडर की 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी सारा रिजवी ने एक अनूठी उपलब्धि दर्ज की है। वह गुजरात की पहली मुस्लिम महिला आईपीएस हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर पुलिस मुख्यालय में डीआईजी प्रशासन के पद पर तैनात हैं। केंद्र सरकार ने सारा रिजवी की इंटर-स्टेट कैडर प्रतिनियुक्ति को दो साल और बढ़ा दिया है।

सारा रिजवी अक्टूबर 2022 में जम्मू-कश्मीर में अंतर-राज्यीय प्रतिनियुक्ति पर गई थीं। अब उन्हें दो साल का और एक्सटेंशन मिला है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में उधमपुर-रियासी की डीआईजी, डीआईजी जम्मू (IR) और डीआईजी जम्मू ऑर्म्ड का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला है।

शिक्षा और करियर का अनूठा सफर:
मुंबई में जन्मीं और ग्रेजुएशन कॉमर्स में की, सारा चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना चाहती थीं। लेकिन डॉ. के एम आरिफ के प्रेरणादायक लेक्चर ने उनकी दिशा बदल दी और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दो प्रयासों में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।

गुजरात में अपनी शुरुआती पोस्टिंग जामनगर में हुई और बाद में उन्हें गोंडल भेजा गया, जो उस समय गैंगवार के लिए प्रसिद्ध था। उन्हें वहां एएसपी बनाया गया।

पारिवारिक पृष्ठभूमि:
सारा रिजवी का परिवार शिक्षा और पेशे में प्रतिष्ठित है। पिता अफजल अहमद साइंट ग्रेजुएट, मां निगार रिजवी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पढ़ी हैं। उनके भाई सिविल इंजीनियर हैं और बहन समीरा कंप्यूटर ग्रेजुएट हैं। सारा रिजवी 2008 में मुन्नवर खान से विवाह बंधन में बंधीं।

सारा रिजवी की यह उपलब्धि न केवल महिलाओं बल्कि मुस्लिम समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनके साहस और समर्पण ने उन्हें आज गुजरात की पहली मुस्लिम महिला आईपीएस का दर्जा दिलाया है।

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