Tuesday, July 21

कनाडा में 2025: विदेशी स्टूडेंट्स के लिए 10 बड़े फैसलों ने बढ़ाई मुश्किलें

2025 कनाडा में हायर एजुकेशन के लिए आने वाले विदेशी छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इस साल कनाडा सरकार ने कई इमिग्रेशन और स्टडी परमिट नियम बदले, जिसका सीधा असर छात्रों पर पड़ा।

मुख्य बदलाव:

  1. स्टडी परमिट की संख्या सीमित:
    इस साल केवल 4,37,000 स्टडी परमिट जारी किए गए, जो 2024 की तुलना में 10% कम हैं।
  2. मास्टर्स और डॉक्टोरल छात्रों को भी सीमित संख्या में अनुमति:
    अब ग्रेजुएट स्टूडेंट्स भी स्टडी परमिट की कुल संख्या में शामिल किए गए, जिससे एडमिशन मुश्किल हो गया।
  3. फाइनेंशियल सेविंग की सीमा बढ़ी:
    छात्रों को दिखाना होगा कि उनके पास 22,895 कनाडाई डॉलर सेविंग के रूप में मौजूद हैं।
  4. PGWP के लिए फील्ड ऑफ स्टडी सख्त:
    अब केवल वही कोर्स PGWP के योग्य हैं, जो हेल्थकेयर, स्किल ट्रेड्स और इंजीनियरिंग से जुड़े हों।
  5. PGWP के लिए भाषा की नई शर्त:
  • यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स: CLB लेवल 7
  • कॉलेज ग्रेजुएट्स: CLB लेवल 5
    (अंग्रेजी या फ्रेंच)
  1. स्पाउजल ओपन वर्क परमिट (SOWP) प्रतिबंधित:
    अब सिर्फ मास्टर्स, डॉक्टोरल और प्रोफेशनल प्रोग्राम्स के स्टूडेंट्स के पार्टनर को ही वर्क परमिट मिलेगा।
  2. स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) खत्म:
    पहले जल्दी वीजा मिलने वाला स्ट्रीम अब समाप्त कर दिया गया है।
  3. कॉलेज बदलना मुश्किल हुआ:
    अब किसी भी स्टूडेंट को कॉलेज बदलने के लिए नया स्टडी परमिट लेना होगा।
  4. कॉलेज-यूनिवर्सिटी को स्टूडेंट डिटेल्स देना अनिवार्य:
    ‘ट्रस्टेड इंस्टीट्यूशन’ फ्रेमवर्क के तहत कॉलेज को छात्रों की पूरी जानकारी देनी होगी।
  5. PR पाने का रास्ता कठिन:
    एक्सप्रेस एंट्री अब ‘कैटेगरी बेस्ड सेलेक्शन’ पर आधारित है। छात्रों को सिर्फ कनाडाई डिग्री भर लेने से PR नहीं मिलेगा, बल्कि ऐसे कोर्स और जॉब्स करने होंगे जिनकी मांग अधिक है।

विशेष जानकारी:
कनाडा में पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों को अब नए नियमों के अनुसार योजना बनाना और सही जानकारी के साथ आवेदन करना जरूरी है।

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