Tuesday, July 21

कैंसर सर्जरी के 6 महीने बाद दीपिका का पहला PET स्कैन, दर्द के बावजूद दिखाया हौसला

टीवी एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इब्राहिम ने कैंसर सर्जरी के छह महीने बाद अपना पहला PET स्कैन कराया। स्टेज 2 लिवर कैंसर का इलाज करवा चुकी दीपिका ने इस टेस्ट के दौरान दर्द के बावजूद हिम्मत दिखाई। उनके पति शोएब इब्राहिम ने अपने यूट्यूब व्लॉग के माध्यम से इस जानकारी को साझा किया।

PET स्कैन क्या है?
PET स्कैन, यानी Positron Emission Tomography, एक इमेजिंग टेस्ट है जो शरीर के अंगों और टिश्यू की विस्तृत तस्वीर बनाता है। इसमें हेल्दी और बीमार सेल्स के अंतर को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

डाई क्यों डालते हैं?
इस टेस्ट के लिए मरीज को आईवी के जरिए रेडियोएक्टिव डाई (रेडियोट्रेसर) दी जाती है। यह डाई प्रभावित सेल्स द्वारा अधिक सोख ली जाती है, जिससे कैंसर या अन्य रोगग्रस्त हिस्से स्कैन में साफ दिखाई देते हैं। दीपिका को आईवी लगाते समय काफी दर्द महसूस हुआ, लेकिन उन्होंने घबराए बिना टेस्ट पूरा किया।

कैंसर के इलाज के बाद PET स्कैन की जरूरत
सर्जरी और अन्य उपचार के बाद PET स्कैन यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि कैंसर से प्रभावित अंग ठीक से काम कर रहा है या नहीं। यह टेस्ट यह भी बताता है कि कहीं कैंसर दोबारा तो नहीं उभर रहा।

PET Scan का व्यापक लाभ
PET स्कैन सिर्फ कैंसर का पता लगाने तक सीमित नहीं है। यह कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट अटैक, ब्रेन ट्यूमर, एपिलेप्सी, अल्जाइमर और अन्य गंभीर रोगों के निदान में भी मदद करता है।

PET, CT और MRI में अंतर
सीटी स्कैन में एक्स-रे, एमआरआई में मैग्नेट और रेडियो वेव्स का इस्तेमाल होता है, जबकि PET में रेडियोएक्टिव ट्रेसर का उपयोग करके अंगों का वास्तविक समय में फंक्शन और स्थिति दिखाई जाती है। कभी-कभी सटीक निदान के लिए PET और CT स्कैन को एक साथ कराया जाता है।

दीपिका की हिम्मत और साहस ने उनके फैंस को भी प्रेरित किया है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बाद भी उन्होंने डरे बिना अपनी देखभाल और टेस्ट कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

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