Wednesday, July 22

सऊदी अरब के रेगिस्तानी पहाड़ों पर बिछी बर्फ की सफेद चादर, मौसम के बदले मिज़ाज ने चौंकाया सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें, पैगंबर की भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे लोग

आमतौर पर तपते रेगिस्तान और चिलचिलाती गर्मी के लिए पहचाने जाने वाले सऊदी अरब में इन दिनों मौसम ने सबको हैरान कर दिया है। देश के उत्तरी हिस्से में स्थित रेगिस्तानी पहाड़ बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। तबुक क्षेत्र और ट्रोजेना हाइलैंड्स के कई इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया।

तबुक क्षेत्र के प्रसिद्ध जबल अललॉज में हुई बर्फबारी का नजारा किसी यूरोपीय पहाड़ी इलाके जैसा नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने लोगों को चौंका दिया है। कई यूजर्स को यकीन ही नहीं हो रहा कि यह दृश्य सऊदी अरब का है, कुछ लोगों ने इसे एआई से तैयार किया गया वीडियो तक बता दिया।

बारिश के साथ गिरी बर्फ
सऊदी गजट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रोजेना हाइलैंड्स में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी हुई। बीर बिन हिरमास, अल-उयनाह, हलात अम्मार और शिगरी समेत आसपास के कई इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और ऊंचाई की वजह से तापमान तेजी से गिरा, जिससे बर्फ जमने की स्थिति बनी।

समुद्र तल से करीब 2,580 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जबल अल-लॉज, जिसका अर्थ ‘बादाम का पहाड़’ है, पहले भी सर्दियों में हल्की बर्फबारी के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन इस बार की बर्फबारी ज्यादा व्यापक और स्पष्ट दिखाई दे रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी
सऊदी अरब के नेशनल सेंटर फॉर मेटेओरोलॉजी (NCM) ने रियाद, पूर्वी प्रांत और उत्तरी सीमावर्ती इलाकों में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों को पहाड़ी और खुले इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी है।

पैगंबर की भविष्यवाणी से जोड़ी जा रही घटना
इस असामान्य मौसम परिवर्तन ने धार्मिक और सामाजिक बहस को भी जन्म दे दिया है। कई लोग इसे पैगंबर मोहम्मद की उस भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि आखिरी समय में अरब प्रायद्वीप फिर से हराभरा हो जाएगा और नदियां बहेंगी। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे बड़े बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं।

हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तबुक और अल-जौफ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दियों के दौरान बर्फबारी पूरी तरह असामान्य नहीं है। लेकिन हाल के वर्षों में बारिश के बदलते पैटर्न और तापमान में उतार-चढ़ाव ने लोगों की जिज्ञासा जरूर बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि रेगिस्तानी क्षेत्रों में बारिश की मात्रा बढ़ती है, तो इससे मिट्टी में नमी बनी रह सकती है, जो लंबे समय में हरियाली के विकास में सहायक हो सकती है। फिलहाल, सऊदी अरब में बर्फ से ढके पहाड़ मौसम के बदलते तेवर और जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं।

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