Wednesday, July 22

राजस्थान के ‘सिंघम’ IPS दिनेश एमएन अब दिल्ली में देंगे सेवाएं, 7 साल जेल के बाद लौटे उसी तेवर में

राजस्थान पुलिस के चर्चित आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन जल्द ही केंद्र सरकार में सेवाएं देने जा सकते हैं। 1995 बैच के इस अधिकारी ने राजस्थान में कई कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर सहित कई बड़े मामलों में उनका अहम योगदान रहा। इसी वजह से राजस्थान में उन्हें ‘रियल सिंघम’ के नाम से जाना जाता है।

अपराधियों के लिए डर का नाम

सीनियर आईपीएस दिनेश एमएन ऐसे अधिकारी हैं जिनके नाम से अपराधी कांपते हैं। जिलों में एसपी रहते हुए उन्होंने खुद फील्ड में उतरकर पुलिस टीम के साथ अपराधियों पर कार्रवाई की। सवाई माधोपुर में कुख्यात डकैत राम सिंह का एनकाउंटर इसी का उदाहरण है।

7 साल जेल में रहने के बाद लौटे उसी जोश में

उदयपुर में एसपी रहते हुए दिनेश एमएन की टीम ने गैंगस्टर सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर किया, जिसके कारण उन्हें करीब सात साल तक गुजरात की अहमदाबाद जेल में रहना पड़ा। वर्ष 2014 में जमानत पर रिहा होने के बाद भी उन्होंने अपराधियों के खिलाफ वही सख्त रवैया अपनाया। 2017 में सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में सभी पुलिस अधिकारियों को बरी कर दिया गया।

आनंदपाल के एनकाउंटर में निर्णायक भूमिका

कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह को पकड़ने के लिए दिनेश एमएन को एसओजी का एडीजी बनाया गया। उन्होंने स्पेशल टीम बनाई और आनंदपाल के तमाम गुर्गों को जेल भेजा। जून 2017 में चूरू के पास आनंदपाल का पता लगाकर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। आनंदपाल ने सरेंडर न कर, फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आनंदपाल मारा गया। मामला जोधपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

एसीबी में भ्रष्टाचार पर नकेल

दिनेश एमएन ने चार जिलों—करौली, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं और उदयपुर—में एसपी रहते हुए भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। एसीबी में रहते हुए उन्होंने कई रिश्वतखोर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

विदेशों में छिपे गैंगस्टरों पर कार्रवाई

दिनेश एमएन की पहल पर विदेशों में छिपे छह गैंगस्टर राजस्थान पुलिस की सूचना पर गिरफ्तार किए गए। अमेरिका, दुबई, कैलिफोर्निया और इटली की सुरक्षा एजेंसियों ने राजस्थान पुलिस की सूचना पर उन्हें डिटेन किया। दो गैंगस्टर भारत लाए जा चुके हैं, जबकि अन्य के प्रत्यर्पण के प्रयास जारी हैं।

राजस्थान के ‘सिंघम’ IPS दिनेश एमएन की यह कहानी केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि पुलिसिंग में ईमानदारी, साहस और न्याय के लिए प्रेरणा भी है। अब उनका अनुभव दिल्ली में भी लागू होगा।

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