Tuesday, July 21

दिल्ली से सटा राजस्थान का भिवाड़ी बना ‘गैस चैंबर’, AQI 344 पर सांस लेना हुआ मुश्किल

दिल्ली से सटे राजस्थानकेनवगठितजिलेखैरथल-तिजारा का औद्योगिक शहर भिवाड़ी एक बार फिर वायु प्रदूषण के गंभीर संकट में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8 बजे भिवाड़ीकाAQI 344 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। लगातार बढ़ते प्रदूषण के चलते शहर देश के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल हो गया है।

भिवाड़ी के अस्पतालों में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं, जिनमें से हर तीसरा मरीज सांस लेने में कठिनाई से पीड़ित है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग अलर्ट मोड पर हैं।

प्रशासन ने लगाए सख्त नियम:

  • खुले में कचरा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया।
  • निर्माण कार्यों में धूल नियंत्रण के सख्त निर्देश जारी।
  • बिना ढंके निर्माण सामग्री और मलबे के परिवहन पर कड़ाई।
  • औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही संचालन करने का आदेश, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी।

विशेषज्ञों की सलाह:
भिवाड़ी अस्पताल के डॉक्टर नितेश यादव ने कहा कि AQI 344 जैसी स्थिति में बच्चे, बुजुर्ग और सांस रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर निकलने, मास्क पहनने और प्रदूषण वाले क्षेत्रों में शारीरिक गतिविधि सीमित करने की सलाह दी।

स्थानीय लोग परेशान:
भिवाड़ी के निवासी कहते हैं कि हाल के दिनों में प्रदूषण बढ़ने से सांस लेने और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल नियंत्रण और सुधार की मांग की है।

प्रशासनिक प्रयास:
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी अमित जुराल ने बताया कि प्रदूषण को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनियों पर 30 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, और कई फैक्ट्रियों को सीज किया गया है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

भिवाड़ी में प्रदूषण का मुख्य कारण औद्योगिक गतिविधियां, वाहनों का बढ़ता दबाव और निर्माण कार्य हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात में सुधार न होने पर और कड़े प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।

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