Tuesday, July 21

‘जी राम जी’ बिल पर सियासी घमासानअपर्णा यादव बोलीं–भारत में राम का नाम नहीं लिया जाएगा तो क्या ‘ला इलाही अल्लाह’ कहा जाएगा?

संसद से हाल ही में पास हुए ‘जी राम जी’ बिल को लेकर देशभर में सियासी बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने बिल का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया और कई राज्यों में प्रदर्शन किया। इस बीच भाजपा महिला नेता एवं महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने विपक्ष पर तीखे सवाल उठाए हैं।

अपर्णा यादव ने कहा कि अगर भारत में भगवान राम का नाम किसी भी योजना या कार्यक्रम में नहीं लिया जाएगा, तो क्या इसके बजाय ‘ला इलाही अल्लाह’ कहा जाएगा। उन्होंने राम को हमारे संस्कृति, आदर्श और विचार का प्रतीक बताते हुए कहा कि राम का नाम जोड़ना गर्व की बात है।

अपर्णा यादव ने आगे कहा,
“आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्।”
उन्होंने उन लोगों की मानसिकता पर भी सवाल उठाया जो हिंदू धर्म से जुड़े होने के बावजूद अन्य जगहों पर पूजा-अर्चना में अधिक ध्यान देते हैं। उनका कहना था कि यदि कोई सच में हिंदू है, तो इस तरह की बातें नहीं करेगा।

डिंपल यादव का बयान

वहीं, ‘जी राम जी’ बिल पर समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव ने कहा कि बीजेपी सत्ता में बने रहने के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर रही है। उनका आरोप था कि सरकार पूरे देश को राम भरोसे छोड़ना चाहती है और यह महात्मा गांधी के मूल आदर्शों का अपमान है। साथ ही उन्होंने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और केंद्र व दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर भी चिंता जताई।

यह बिल और उससे जुड़ी सियासी बहस अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है।

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