Tuesday, July 21

भारत की अंतरिक्ष में बड़ी छलांग, ISRO के ‘बाहुबली’ मिशन की सफलता पर पीएम मोदी ने दी बधाई

 

 

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। बुधवार सुबह करीब 8.54 बजे, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एलवीएम-एम6 रॉकेट ने उड़ान भरी। इस मिशन के तहत अमेरिका की अगली पीढ़ी का संचार सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया।

 

इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई दी। उन्होंने लिखा, “भारत ने अंतरिक्ष में एक बड़ी छलांग लगाई है। LVM3-M6 मिशन की सफलता के साथ, भारत ने अपने धरती से अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट लॉन्च किया। यह भारत के लिए गर्व का पल है।”

 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस सफलता से भारत की भारी सैटेलाइट लॉन्च क्षमता मजबूत हुई है और दुनिया भर में व्यावसायिक लॉन्च के बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका उजागर होती है। उन्होंने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और इसरो के मेहनती वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी।

 

विशेषताएं और महत्व:

 

एलवीएम3-एम6 एक 43.5 मीटर ऊंचा, तीन चरणों वाला रॉकेट है।

इसमें क्रायोजेनिक इंजन लगा है, जिसे ISRO के लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर ने विकसित किया है।

अत्यधिक थ्रस्ट के लिए रॉकेट में दो एस200 ठोस रॉकेट बूस्टर लगाए गए हैं, जिन्हें विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ने तैयार किया।

लॉन्चिंग के लगभग 15 मिनट बाद ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह रॉकेट से अलग होकर 600 किलोमीटर ऊंचाई पर तैनात होगा।

उपग्रह का उद्देश्य सीधे मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है, जिससे दुनिया में कहीं भी 4G और 5G वॉयस-वीडियो कॉल, संदेश, स्ट्रीमिंग और डेटा सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।

 

यह मिशन भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नई सफलता का प्रतीक है और देश की सैटेलाइट लॉन्च क्षमता व वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में हिस्सेदारी को और सशक्त करेगा।

 

 

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