Tuesday, July 21

मुसलमानों के लिए वतन प्रिय, पूज्य नहीं: मौलाना महमूद मदनी ने RSS के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

 

सहारनपुर: देवबंद से बड़ी खबर सामने आई है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह-महासचिव दत्तात्रेय होसवाले के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी की पूजा नहीं करते और इस्लाम की बुनियादी आस्था ‘तौहीद’ पर कोई समझौता संभव नहीं है।

 

मौलाना मदनी ने कहा कि देश से प्रेम करना, उसकी रक्षा करना और उसकी सेवा करना एक अलग बात है, जबकि पूजा केवल ईश्वर की ही होती है। उन्होंने आरएसएस के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जिसमें मुस्लिमों को सूर्य, नदी, वृक्ष आदि की पूजा का सुझाव दिया गया था।

 

मौलाना ने आगे कहा, “हिंदू और मुसलमान सदियों से इस देश में साथ रहते आए हैं। तौहीद का अकीदा और इबादत की पद्धति किसी भी समझदार व्यक्ति से छिपी नहीं है। देश की मिट्टी और प्रकृति से प्रेम करना, उसकी रक्षा करना और पूजा करना तीन अलग बातें हैं। संघ ने प्रिय और पूज्य के बीच का बुनियादी अंतर समझने में असफलता दिखाई।”

 

उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समुदाय की धार्मिक आस्था पर टिप्पणी करना सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकता है। सभी समुदायों को एक-दूसरे के विश्वासों और आस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।

 

 

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