Tuesday, July 21

मुंबई में बीजेपी-अजित पवार की दोस्ती पर संकट, नवाब मलिक को हटाने का मूड नहीं एनसीपी का

 

 

मुंबई: महाराष्ट्र में महानगर पालिकाओं के चुनाव को लेकर बीजेपी और एनसीपी के बीच महायुति गठबंधन में दरार आने की संभावना बढ़ गई है। बीजेपी ने मुंबई में नवाब मलिक को एनसीपी का चुनाव प्रभारी बनाए जाने पर विरोध जताया है, लेकिन अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी ने अपने फैसले पर कायम रहते हुए उन्हें पद पर बने रहने का संकेत दिया है।

 

एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि पार्टी के अंदरूनी नियुक्तियों का फैसला पूरी तरह एनसीपी का अधिकार है। उन्होंने कहा कि नवाब मलिक वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें मुंबई में चुनाव रणनीति बनाने का कार्य सौंपा गया है। हालांकि तटकरे व्यक्तिगत रूप से गठबंधन के संबंध में पूर्व मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार से बातचीत कर रहे हैं।

 

बीजेपी का कहना है कि नवाब मलिक का चुनाव प्रभारी बनना गठबंधन के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है। मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी संपत्ति से जुड़े आरोपों का हवाला दिया गया है।

 

तटकरे ने बताया कि मुंबई को छोड़कर अन्य नगर पालिकाओं में गठबंधन पर अगले दो दिनों में स्पष्टता आने की उम्मीद है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगमों को लेकर भी दोनों पक्षों में वार्ता जारी है। पुणे-पिंपरी में दोनों दल सैद्धांतिक तौर पर संयुक्त चुनाव लड़ने पर सहमत हुए हैं, लेकिन मुंबई में नवाब मलिक का मामला अभी भी विवादित है।

 

विश्लेषकों का कहना है कि अगर बीजेपी और एनसीपी मुंबई में आपसी समझ नहीं बना पाते हैं, तो महायुति की एकता पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

 

 

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