Tuesday, July 21

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड IAS अधिकारी निरंजन दास गिरफ्तार

 

 

रायपुर: छत्तीसगढ़ में 2500 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की रायपुर विंग ने पूर्व IAS अधिकारी निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में अनुमान लगाया गया है कि निरंजन दास ने इस घोटाले से लगभग 18 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।

 

ED ने निरंजन दास को स्पेशल कोर्ट रायपुर में पेश किया, जहां उन्हें हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। जांच में पाया गया कि निरंजन दास शराब सिंडिकेट के सक्रिय सहभागी थे और उनके डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त दस्तावेज और गवाहों के बयान इस बात को पुष्ट करते हैं।

 

जांच में यह भी सामने आया कि निरंजन दास ने एक्साइज कमिश्नर और एक्साइज विभाग का अतिरिक्त प्रभार शराब घोटाले को अंजाम देने में मदद करने के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब की बिक्री बढ़ाई जाए, और सिंडिकेट को 50 लाख रुपये मासिक भुगतान के बदले बिना रोक-टोक के काम करने दिया।

 

इस मामले में पहले भी कई बड़े नाम गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (ITS) शामिल हैं। साथ ही पूर्व मंत्री और विधायक कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल और सौम्या चौरसिया को भी ED ने हिरासत में लिया है।

 

ED की टीम अब भी घोटाले के अन्य संभावित लाभार्थियों और वित्तीय लेन-देन की जांच में जुटी हुई है।

 

 

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