Wednesday, July 22

एयर पॉल्यूशन से फेफड़ों की सुरक्षा में मददगार है विटामिन C, UTS के प्रोफेसर की स्टडी में खुलासा

 

 

नई दिल्ली।

दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई बड़े शहरों में वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है। प्रदूषित हवा का सबसे अधिक और सीधा असर मानव फेफड़ों पर पड़ता है। इसी बीच यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी (UTS) के वैज्ञानिकों द्वारा की गई एक नई स्टडी ने एयर पॉल्यूशन से फेफड़ों को होने वाले नुकसान से बचाव को लेकर अहम जानकारी दी है।

 

PM2.5 से फेफड़ों को होता है गंभीर नुकसान

 

अध्ययन के अनुसार, हवा में मौजूद सूक्ष्म कण PM2.5 फेफड़ों में सूजन (इंफ्लामेशन) और कोशिकाओं के ऊर्जा केंद्र माइटोकोन्ड्रिया को नुकसान पहुंचाते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि सीधे सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंच जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक PM2.5 का कोई भी स्तर मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। इससे अस्थमा, सीओपीडी, पल्मोनरी फाइब्रोसिस और यहां तक कि लंग कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

 

UTS के प्रोफेसर ने किया शोध

 

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज़ के प्रोफेसर ब्रायन ओलिवर के नेतृत्व में की गई इस स्टडी में एक ऐसे न्यूट्रिएंट की पहचान की गई है, जो एयर पॉल्यूशन से होने वाले फेफड़ों के नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकता है।

 

विटामिन C से मिला सकारात्मक असर

 

शोध में सामने आया कि विटामिन C, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, PM2.5 के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद करता है। विटामिन C लेने से फेफड़ों की कोशिकाओं को होने वाला नुकसान कम देखा गया और माइटोकोन्ड्रियल लॉस में भी कमी आई।

 

सप्लीमेंट लेने से पहले सावधानी जरूरी

 

हालांकि प्रोफेसर ओलिवर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लाभ विटामिन C की अधिकतम अनुमत मात्रा पर देखा गया है। उन्होंने सलाह दी कि विटामिन C सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

 

खानपान से लेना सबसे सुरक्षित

 

विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन C को प्राकृतिक रूप से आहार के जरिए लेना सबसे सुरक्षित तरीका है। इसके लिए संतरा, नींबू, अमरूद, शिमला मिर्च, ब्रोकली, स्ट्रॉबेरी और अन्य खट्टे फल फायदेमंद माने जाते हैं।

 

विशेषज्ञों की राय

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन C वायु प्रदूषण से बचाव में सहायक जरूर हो सकता है, लेकिन यह किसी इलाज का विकल्प नहीं है। इसके साथ-साथ मास्क पहनना, प्रदूषण के समय बाहर निकलने से बचना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी उतना ही जरूरी है।

 

डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी तरह की दवा या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह आवश्यक है।

 

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.