Tuesday, July 21

बिहार की 50 पुलिस लाइनों का होगा कायाकल्प: असलहा-बारूद की सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक होगी ओवरहॉलिंग

 

 

पटना।

बिहार पुलिस अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की 50 पुलिस लाइनों (32 पुरानी और 18 नई) को हाईटेक और सुरक्षित बनाने के लिए ओवरहॉलिंग अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य असलहा-बारूद की सुरक्षित व्यवस्था, पुलिसकर्मियों की सुविधाएं और प्रशिक्षण ढांचे को दुरुस्त करना है।

 

इस संबंध में डीजीपी विनय कुमार ने राज्य के सभी जिलों के आईजी, डीआईजी और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए पुलिस लाइनों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट महीने के अंत तक अनिवार्य रूप से पुलिस मुख्यालय को सौंपनी होगी।

 

14 मानकों पर होगा आकलन, कमियां मिलने पर बनेगी कार्ययोजना

 

पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस लाइनों के मूल्यांकन के लिए 14 अनिवार्य मापदंड तय किए हैं। विशेष रूप से 32 पुरानी पुलिस लाइनों में मौजूद बुनियादी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने पर जोर दिया जा रहा है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय स्तर पर एक समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके बाद व्यापक सुधार योजना लागू की जाएगी।

 

यह रिपोर्ट एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार को सौंपी जाएगी, ताकि सुधार कार्यों को समयबद्ध तरीके से अमल में लाया जा सके।

 

पुलिस लाइनों की बदलेगी तस्वीर

 

अधिकारी ने बताया कि बिहार पुलिस का लक्ष्य सभी पुलिस लाइनों को बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप उन्नत करना है। इससे न सिर्फ असलहा और सरकारी संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को भी बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकेंगी।

 

पिछले कुछ वर्षों में राज्य में 18 नई पुलिस लाइनें बनाई गई हैं, लेकिन पुरानी पुलिस लाइनों में अभी भी कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में पटना पुलिस लाइन में केंद्रीकृत रसोई और भोजन कक्ष का उद्घाटन किया था।

 

इन 14 बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस

 

पुलिस मुख्यालय द्वारा तय किए गए 14 मानकों में शामिल हैं—

 

शस्त्रागार

भोजनालय और सूखा कैंटीन

शिशु देखभाल केंद्र

बैरक और पारिवारिक क्वार्टर

सरकारी संपत्ति भंडार

मनोरंजन कक्ष

प्रशिक्षण क्षेत्र और शारीरिक प्रशिक्षण केंद्र

ड्रिल नर्सरी

सिंथेटिक रनिंग ट्रैक

मिनी स्टेडियम व खेल मैदान

*खुला व्यायामघर

 

इन सुविधाओं के माध्यम से पुलिसकर्मियों की फिटनेस, प्रशिक्षण और कार्यक्षमता को लगातार बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

 

 

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