Tuesday, July 21

राजस्थान: अंता चुनाव में किरोड़ी लाल मीणा क्यों नहीं पहुंचे, खुद बताई वजह

जयपुर: राजस्थान के अंता विधानसभा उपचुनाव के प्रचार का शोर अब थम चुका है। इस बीच कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के प्रचार में न जाने का सवाल सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मीणा समाज के बड़े नेता और भजनलाल सरकार के वरिष्ठ मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इस पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें बुलाया गया या नहीं, इस पर वे कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने कहा कि हर नेता की अपनी भूमिका और अपना रोल होता है, और पार्टी के वरिष्ठ नेता वहां प्रचार कर रहे थे।

किरोड़ी लाल मीणा का इशारा: नरेश मीणा अब अलग

किरोड़ी लाल मीणा ने इस दौरान नरेश मीणा को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने कहा, “कुछ पत्ते डाली से टूट जाते हैं, उनका क्या कर सकते हैं।” इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि अब नरेश मीणा उनकी पूरी तरह से अलग राह पर हैं।

मीणा समाज के बड़े स्तंभ की अनुपस्थिति

अंता में चुनाव प्रचार में किरोड़ी लाल मीणा की अनुपस्थिति कई राजनीतिक सवाल खड़े कर रही है। मीणा समाज के बड़े नेता होने के नाते उनका प्रचार में न जाना बीजेपी के लिए भी चर्चा का विषय बना। पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम शामिल किया था, लेकिन किरोड़ी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में वे सीधे तौर पर नहीं गए।

वोटों के समीकरण पर सियासी कयास

अंता विधानसभा क्षेत्र के जातिगत समीकरणों पर नजर डालें तो कुल मतदाता लगभग 2 लाख 27 हजार हैं। इनमें सबसे बड़ा बाहुल्य माली समाज का है, जिसके मत लगभग 40-45 हजार हैं। वहीं मीणा समाज के मत करीब 30-35 हजार के आसपास हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि किरोड़ी लाल मीणा प्रचार में जाते, तो मीणा समाज के वोट बीजेपी के पक्ष में जाने की संभावना बढ़ सकती थी। उनकी अनुपस्थिति के कारण अब यह वोट निर्दलीय नरेश मीणा को मिल सकते हैं।

राजनीतिक मायने

किरोड़ी लाल मीणा का यह बयान सियासी गलियारों में नए कयास और चर्चाओं को जन्म दे रहा है। पार्टी की रणनीति, मीणा समाज के वोट और उपचुनाव के नतीजों के बीच उनका रुख अब बड़ी सियासी दिलचस्पी का विषय बन गया है।

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