Tuesday, July 21

दलित आशा नाथ जीएस बनीं तिरुवनंतपुरम की डेप्युटी मेयर, BJP ने चौंकाया

 

 

तिरुवनंतपुरम: केरल के निकाय चुनावों में भाजपा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। वी.वी. राजेश तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पहले भाजपा मेयर बनने जा रहे हैं। उनके साथ शहर की डेप्युटी मेयर आशा नाथ जीएस होंगी, जिनके नाम ने राजनीतिक गलियारों में सभी को चौंका दिया।

 

भाजपा ने कुल 100 वार्डों में से 50 पर जीत दर्ज कर बहुमत अपने दम पर हासिल किया। एलडीएफ को 29 सीटें मिलीं, जबकि यूडीएफ 19 सीटों तक सिमट गया। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार और एक वार्ड में मतदान स्थगित होने के कारण भाजपा को महापौर और उपमहापौर पद पर निर्णय लेने में गहन मंथन करना पड़ा।

 

 

तीन बार पार्षद रह चुकीं आशा

 

आशा नाथ जीएस तिरुवनंतपुरम में तीन बार भाजपा पार्षद रह चुकी हैं। उनका अनुभव और युवा ऊर्जा पार्टी के लिए मूल्यवान साबित हुआ। उन्होंने 2021 में चिरायिनकीझु विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और पार्टी के वोट शेयर में 7% वृद्धि की।

 

आशा सोशल मीडिया पर भी पार्टी का मुखर चेहरा हैं, उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 1.8 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा वे केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड की सलाहकार समिति की सदस्य भी हैं।

 

 

राजनीति में प्रवेश और चुनौतियां

 

आशा नाथ ने पहली बार 2017 में पप्पानमकोड वार्ड से उपचुनाव जीतकर नगर निगम में कदम रखा। उनके चाचा करुमम चंद्रन भी भाजपा नेता थे, जिनकी 2017 में दुर्भाग्यवश मृत्यु हो गई। इस घटना ने आशा को चुनाव लड़ने और भाजपा का गढ़ पप्पानमकोड में बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

 

2025 में नए निर्वाचन क्षेत्र करुमम में उन्होंने सीपीएम की एडवोकेट सिंधु को 1081 वोटों के आरामदायक बहुमत से हराया। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान आशा ने नगर निगम में सभी आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई।

 

 

व्यक्तिगत जीवन

 

आशा नाथ ने केरल यूनिवर्सिटी से बीएससी केमेस्ट्री में पढ़ाई की। उन्होंने एमएसआर हायर सेकेंड्री स्कूल त्रिवेंद्रम से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उनके पति का नाम शिवा कुमार है और उनके दो बच्चे हैं—एक बेटी और एक बेटा।

 

 

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