Tuesday, July 21

10 साल के अजय राज की अद्भुत बहादुरी

 

 

स्थान: झरनापुरा गांव, बाह क्षेत्र, आगरा (चंबल नदी किनारा)

घटना की तारीख: 25 जुलाई 2025

सम्मान: प्रधानमंत्री बाल राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 (साहस श्रेणी)

सम्मान देने वाली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

 

क्या हुआ था?

 

अजय के पिता वीरभान चंबल नदी से पानी भर रहे थे

अचानक एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और गहरे पानी में खींचने लगा

10 साल का अजय घबराया नहीं

वह लाठी लेकर नदी में कूद पड़ा

पहले मगरमच्छ के मुंह पर वार किए

जब पकड़ नहीं छूटी तो उसकी आंखों पर सटीक वार किए

दर्द से तिलमिलाकर मगरमच्छ ने पिता को छोड़ दिया और भाग गया

 

पिता की जान बची

 

अजय ने पिता को सहारा देकर नदी से बाहर निकाला

गांव वालों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया

 

सम्मान और सराहना

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अजय की तारीफ की

जिला प्रशासन ने नाम भेजा, दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला

पुरस्कार में मेडल, प्रशस्ति पत्र और ₹1 लाख शामिल

 

अजय राज के शब्द

 

“मेरा लक्ष्य बस इतना था कि पापा को किसी भी हाल में बचाना है।”

 

 

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