Tuesday, July 21

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ शिया बोर्ड ने की कड़ी निंदा, UCC पर पुनर्विचार की मांग

 

 

लखनऊ: ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संपन्न हुआ। अधिवेशन में कुल 24 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की निंदा प्रस्ताव विशेष रूप से शामिल था।

 

बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और उन पर अत्याचार किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में बोर्ड ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह बांग्लादेश के साथ अपने द्विपक्षीय रिश्तों पर पुनर्विचार करे और वहां हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को तुरंत समाप्त करने की मांग करे।

 

अधिवेशन में आतंकवाद के खिलाफ भी कड़ा प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि दहशतगर्दी करने वाले और उनकी सरपरस्ती करने वालों को इंसानियत का दुश्मन माना जाएगा। साथ ही बोर्ड ने यह भी जोर दिया कि जिस दिन लोग अपने अधिकारों की लड़ाई छोड़ देंगे, उसी दिन अन्याय का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

 

मौलाना यासूब ने देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग पर सख्त कानून लागू करने, शिया समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने और शिया वक्फ बोर्डों में फैले भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की। उन्होंने सऊदी हुकूमत पर भी दबाव डालने की अपील की ताकि पैगंबर मोहम्मद की बेटी जनाबे फातिमा जहरा के ध्वस्त रौज़े का पुनर्निर्माण कराया जा सके।

 

बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सायम मेंहदी ने अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए सभी मौलानों, खतीबों, बुद्धिजीवियों और अंजुमन के सदस्यों को धन्यवाद दिया और युवाओं को अधिकारों के लिए संगठित होने का संदेश दिया।

 

 

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