Tuesday, July 21

प्यार में मिला धोखा: जिसके लिए मां-बाप को किया पराया, वही प्रेमी छोड़ गया साथ… सुसाइड नोट में युवती ने लिखा अपना आखिरी दर्द

गाजियाबाद। प्यार में धोखा खाने के बाद एक युवती ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। विजयनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी मोहल्ले में रहने वाली युवती ने किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस को उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपने प्रेमी और परिवार के प्रति गहरा दर्द बयां किया है।

💔 “जिसके लिए अपनों को छोड़ा, वही छोड़कर चला गया…”

सुसाइड नोट में युवती ने लिखा —

“जिसके लिए मैंने मां-बाप, भाई-बहन और सबको छोड़ा, वही मुझे छोड़ गया। डेढ़ साल तक मैंने उसे अपना पति मानकर पूजा, लेकिन वह अपने माता-पिता के कहने पर मुझे छोड़कर चला गया। अब मैं किसके सहारे जिऊं…”

उसके इन शब्दों से साफ झलकता है कि वह प्रेमी के बिछड़ने से टूट चुकी थी और खुद को अकेला महसूस कर रही थी।

🏠 पति-पत्नी की तरह रह रहे थे साथ

पुलिस जांच में सामने आया कि युवती अपने प्रेमी के साथ पिछले डेढ़ साल से शिवपुरी मोहल्ले में पति-पत्नी के रूप में रह रही थी। हालांकि शादी के दस्तावेज पुलिस को नहीं मिले हैं। कुछ दिन पहले ही प्रेमी उसे छोड़कर अजमेर चला गया था, जिसके बाद से युवती मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थी।

📜 14 दिन बाद थाने पहुंची थी युवती

पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, फरवरी 2024 में युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में दर्ज कराई गई थी। करीब 14 दिन बाद वह खुद अपने प्रेमी के साथ थाने पहुंची और बयान दिया कि वह बालिग है और अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है।

🕵️‍♀️ प्रेमी बोला – “मुझे कुछ नहीं पता”

युवती के प्रेमी से जब पुलिस ने संपर्क किया तो उसने बताया कि वह अजमेर में काम के सिलसिले में गया हुआ है और उसे युवती की आत्महत्या की कोई जानकारी नहीं थी।

⚖️ पुलिस जांच जारी

एसीपी नगर कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। सुसाइड नोट को सील कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

🕯️ समाज के लिए सबक:
यह घटना बताती है कि रिश्तों में भावनात्मक संतुलन कितना जरूरी है। प्यार में निर्णय लेते समय परिवार की सलाह और समझदारी दोनों की अहम भूमिका होती है, ताकि कोई और जिंदगी यूं अधूरी न रह जाए।

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