Tuesday, July 21

जयपुर में एक ही दिन तीन अग्निकांड, दहशत में शहर कोचिंग संस्थान से लेकर अपार्टमेंट और जेसीबी गोदाम तक मचा हड़कंप

 

राजधानी जयपुर में साल के अंतिम दिनों में आग की घटनाओं ने एक बार फिर लोगों की नींद उड़ा दी है। 29 दिसंबर को गुलाबी नगरी में एक ही दिन तीन बड़े अग्निकांड सामने आए, जिनमें कोचिंग संस्थान, रिहायशी अपार्टमेंट और जेसीबी गोदाम आग की चपेट में आ गए। समय रहते दमकल और पुलिस की कार्रवाई से जनहानि तो टल गई, लेकिन इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा और अग्नि-निरोधक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

कोचिंग संस्थान में फंसे छात्र, अफरा-तफरी का माहौल

 

महेश नगर के सुल्तान नगर इलाके में देर रात एक ट्रांसफार्मर में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद शॉर्ट सर्किट से आग भड़क उठी। आग की चिंगारियां पास स्थित एक कोचिंग संस्थान तक पहुंच गईं और देखते ही देखते लपटों ने संस्थान को घेर लिया। उस समय कोचिंग में छात्र मौजूद थे।

धुआं भरते ही संस्थान में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और पीछे के रास्ते से टीन शेड की मदद से सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन किताबें, फर्नीचर और अन्य सामान जलकर खाक हो गए।

 

करणी विहार में सिलेंडर विस्फोट, दीवार तक गिरी

 

इसी दिन दोपहर में करणी विहार स्थित विनायक अपार्टमेंट में एक फ्लैट में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि गैस सिलेंडर फट गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और लपटें और भड़क उठीं। धमाके की तीव्रता से फ्लैट की दीवार टूट गई।

रेस्क्यू के दौरान हेड कांस्टेबल शंकर लाल बेहोश हो गए, जिन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दमकल और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपार्टमेंट में फंसे 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

 

जेसीबी गोदाम में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

 

अजमेर रोड पर डीपीएस स्कूल के पास स्थित एक जेसीबी गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इसे काबू में करने के लिए दर्जनों दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाना पड़ा। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोदाम में रखी मशीनरी और सामान के करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

 

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

 

एक ही दिन में शहर के अलग-अलग इलाकों में हुई इन घटनाओं ने प्रशासन और नागरिकों को झकझोर कर रख दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सही से पालन हो रहा है या नहीं।

हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी घटनाओं में समय रहते दमकल और पुलिस की सक्रियता से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह चेतावनी जरूर है कि लापरवाही भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.