Tuesday, July 21

दिल्ली धमाका: श्रावस्ती के दिनेश मिश्रा की मौत, परिवार और गांव में मातम

श्रावस्ती/नई दिल्ली: दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार धमाके में अमरोहा, मेरठ, शामली और श्रावस्ती के चार युवकों की जान गई। इसमें श्रावस्ती जिले के गनेशपुर गांव के दिनेश मिश्रा (34) भी शामिल हैं। दिनेश दिल्ली में एक प्रिंटिंग प्रेस में मजदूरी करते थे, जहां शादी के कार्ड और अन्य छपाई का काम होता था।

दिनेश दो दिन पहले ही अपने गांव आए थे और परिवार के साथ समय बिताया। शुक्रवार की शाम हुए धमाके में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर उनके भाई गुड्डू मिश्रा, जो स्वयं भी दिल्ली में मजदूरी करते हैं, कई बार दिनेश से संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन फोन नहीं लगा।

रात लगभग 11 बजे गुड्डू को लोकनायक अस्पताल की इमरजेंसी में बुलाया गया। अस्पताल में उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। कई बार हंगामा करने के बाद ही अंदर जाने दिया गया, लेकिन वहां दिनेश का कोई पता नहीं था। अंततः एसएचओ की सलाह पर मॉर्च्यूरी जाने पर उन्होंने अपने भाई का शव अज्ञात में रखा पाया। दिनेश के पास आधार कार्ड मौजूद नहीं था, इसलिए शव को अज्ञात में रखा गया था।

दिनेश का परिवार शोक में डूबा है। उनके पीछे पत्नी रीना देवी और तीन छोटे बच्चे—बेटा हिमांशु (8), बेटी बिट्टा (7) और सृष्टि (4)—रह गए हैं। पत्नी ने कहा कि दिनेश बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहते थे, लेकिन अब उनका यह सपना अधूरा रह गया।

दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि उन्हें टीवी पर धमाके की खबर मिली और उन्होंने तुरंत बड़े बेटे गुड्डू से संपर्क किया। सूचना मिलने पर पूरे परिवार में हड़कंप मच गया।

गुड्डू मिश्रा ने बताया कि वह परिवार के भरण-पोषण के लिए 15 साल से दिल्ली में रहते हैं। उनका भाई दिनेश चावड़ी बाजार स्थित प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। परिजनों ने कहा कि दिनेश दो दिन पहले ही घर आए थे, और परिवार में हंसी-खुशी का माहौल था। अब उनकी अचानक मौत ने पूरे गांव और परिवार में मातम फैला दिया है।

गांववासियों ने दिनेश को मेहनती, शांत और मिलनसार इंसान बताया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है।

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