Tuesday, July 21

UAE ने खोला खजाना, पाकिस्तानी सेना की फौजी फाउंडेशन बनी अरबों की मनी मशीन

 

 

इस्लामाबाद/कराची: पाकिस्तान की सबसे ताकतवर कंपनी फौजी फाउंडेशन अब अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की नजरों में है। आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को फौजी फाउंडेशन में करीब 1 अरब डॉलर की हिस्सेदारी देने की अनुमति दी है। वहीं अबू धाबी से 2 अरब डॉलर के कर्ज के रोलओवर की भी उम्मीद जताई जा रही है।

 

फौजी फाउंडेशन: पाकिस्तान सेना की कमाई की मशीन

फौजी फाउंडेशन को पाकिस्तानी सेना की सबसे बड़ी कमाई वाली मशीन कहा जाता है। यह संस्था देश के हर लाभकारी कारोबार में सक्रिय है। मिलिट्री कॉम्प्लेक्स से लेकर सीमेंट निर्माण, खाद उत्पादन, बिजली उत्पादन, प्रॉपर्टी डेवलपमेंट, बैंकिंग और स्टॉक निवेश तक फौजी फाउंडेशन का हाथ है। इसे पाकिस्तान के बड़े मिलिट्री-कॉर्पोरेट कॉम्प्लेक्स का हिस्सा माना जाता है, जिसके तहत सेना न केवल डिफेंस बल्कि आर्थिक क्षेत्रों पर भी नियंत्रण रखती है।

 

संस्था का विस्तार और सहयोग

रिपोर्ट के अनुसार, फौजी फाउंडेशन पाकिस्तानी नौसेना के बहरिया फाउंडेशन और एयर फोर्स के शाहीन फाउंडेशन के साथ काम करता है। इन संस्थाओं का बिजनेस इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, शिपिंग और अन्य सेक्टर्स में फैला हुआ है। इसके अलावा, आर्मी वेलफेयर ट्रस्ट (AWT) और डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (DHA) भी पाकिस्तानी सेना के आर्थिक नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो देश की कीमती संपत्तियों पर कब्जा बनाए रखते हैं।

 

इतिहास और पूंजी

फौजी फाउंडेशन की स्थापना 1952 में हुई थी। शुरूआत में इसे ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रशासन से मात्र 3.6 मिलियन डॉलर की पूंजी मिली थी। इसका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों के परिवारों के कल्याण के लिए था। आज के समय में फौजी फाउंडेशन के अधीन कम से कम 25 सूचीबद्ध कंपनियां और कई गैर-सूचीबद्ध कंपनियां काम कर रही हैं। आर्थिक थिंक टैंक EPBD के वेल्थ परसेप्शन इंडेक्स 2025 के अनुसार, फौजी फाउंडेशन की कुल नेटवर्थ 5.9 अरब डॉलर है, जिससे यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा कॉरपोरेट समूह बन गया है।

 

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर

फौजी फाउंडेशन का यह विशाल नेटवर्क पाकिस्तान की सेना को राजनीतिक और आर्थिक शक्ति दोनों प्रदान करता है। UAE जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की हिस्सेदारी इसके ग्लोबल नेटवर्क और प्रभाव को और बढ़ा सकती है।

 

 

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