Tuesday, July 21

अख़बार में प्रकाशन योग्य प्रभावशाली समाचार लेख (हिंदी में) SIR की ड्राफ्ट लिस्ट से 2450 वोटरों के नाम गायब, दो ग्राम प्रधान भी बाहर

 

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूची में गंभीर खामियां सामने आई हैं। ताज़ा जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2450 से अधिक मतदाताओं के नाम गायब पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें दो गांवों के वर्तमान ग्राम प्रधानों के नाम भी शामिल नहीं हैं, जबकि दूसरी ओर 50 से अधिक मृत व्यक्तियों के नाम अब भी मतदाता सूची में दर्ज हैं।

 

इस लापरवाही ने चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों से लेकर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तक इस गड़बड़ी को लेकर असमंजस में हैं।

 

 

श्रीनगर ग्राम पंचायत में सबसे बड़ा मामला

 

कबरई ब्लॉक की श्रीनगर ग्राम पंचायत में कुल मतदाताओं की संख्या 11,533 है। यहां 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लगभग 2,500 युवाओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन किए गए थे।

लेकिन नई मतदाता सूची में नाम जुड़ने के बजाय वर्तमान ग्राम प्रधान आशीष राजपूत समेत करीब 2,300 मतदाताओं के नाम ही काट दिए गए।

 

 

सालों से वोट डाल रहे लोग भी सूची से बाहर

 

ग्राम प्रधान आशीष राजपूत ने बताया कि उनका नाम 2021 की मतदाता सूची में दर्ज था और उसी आधार पर वे चुनाव जीतकर प्रधान बने। इसके बावजूद नई सूची में उनका, उनके भाई नीरज राजपूत, पूर्व प्रधान अमित दीक्षित, प्रमोद सोनी, दारा सिंह, नाथूराम सोनी समेत कई अन्य नागरिकों के नाम गायब हैं, जबकि ये सभी वर्षों से नियमित मतदान करते आ रहे हैं।

 

चौंकाने वाली बात यह है कि जिन 2,300 मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट बताकर हटाए गए, उसी सूची में करीब 50 मृत मतदाताओं के नाम अब भी दर्ज हैं।

 

 

नटर्रा गांव में भी प्रधान का नाम गायब

 

दूसरा बड़ा मामला चरखारी ब्लॉक के नटर्रा गांव से सामने आया है। यहां वर्तमान ग्राम प्रधान गायत्री देवी, जो दूसरी बार निर्वाचित हुई हैं, उनका नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

प्रधान गायत्री देवी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि गांव के 150 ग्रामीणों के नाम सूची से गायब हैं और आवेदन करने के बाद भी उन्हें नहीं जोड़ा गया।

 

वहीं, संबंधित बीएलओ सुनील कुमार का कहना है कि नाम जोड़े गए थे, लेकिन डाटा फीडिंग में तकनीकी गड़बड़ी हुई है।

 

 

50 से अधिक मृतकों के नाम अब भी दर्ज

 

श्रीनगर ग्राम पंचायत में वर्ष 2018 में मृत हो चुके अरुण कुमार, चार साल पहले निधन हो चुके रमाशंकर, साथ ही हरिश्चंद्र और कैलाश जैसे कई लोगों के नाम आज भी मतदाता सूची में शामिल हैं। कुल मिलाकर 50 से अधिक मृत व्यक्तियों के नाम सूची से नहीं हटाए गए, जो सिस्टम की बड़ी चूक को दर्शाता है।

 

 

प्रशासन का बयान: जांच जारी

 

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी आर.पी. विश्वकर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। कुछ नाम आधार नंबर उपलब्ध न होने के कारण हटाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम कट गए हैं, वे प्रपत्र-2 के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी अपने संबंधित बीएलओ के पास जमा करें, ताकि अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम जोड़े जा सकें। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए सभी ब्लॉकों के बीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

 

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.