Tuesday, July 21

पश्चिम बंगाल स्कूल भर्ती घोटाला: पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को जमानत, अस्पताल से रिहाई

कोलकाता: पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) भर्ती घोटाले के प्रमुख आरोपियों में से एक, राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को मंगलवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन्हें 23 जुलाई 2022 को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने गिरफ्तार किया था।

जानकारी के अनुसार, चटर्जी पिछले कई महीनों से किडनी और हार्ट संबंधी बीमारियों के कारण दक्षिण-पूर्व कोलकाता के मुकुंदपुर इलाके के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थे। जमानत बॉण्ड भरने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा कर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

विशेष सीबीआई अदालत ने ग्रुप-सी कर्मचारियों की भर्ती में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में गवाहों की पूछताछ पूरी होने के बाद उनकी जमानत याचिका स्वीकार की। कोर्ट ने रिहाई आदेश अलीपुर कोर्ट के मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट को भेजा, जिन्होंने इसे प्रेसीडेंसी जेल के अधिकारियों को आदेशित किया। सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को आदेश दिया था कि ग्रुप-सी भर्ती मामले में चटर्जी को महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद जमानत दी जा सकती है।

रिहाई के बाद, पार्थ चटर्जी अपने दक्षिण कोलकाता स्थित नकटला घर के लिए रवाना हुए। अस्पताल के बाहर उनके समर्थकों ने बड़ी संख्या में जमा होकर ‘पार्थ दा जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस दौरान पूर्व मंत्री भावुक दिखाई दिए और उन्होंने कहा, “मुझे सत्य की जीत पर भरोसा है। मैं अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों से न्याय मांगूंगा, जिन्होंने मुझे पांच बार चुना है।

वहीं, पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, “जमानत पर रिहाई का मतलब यह नहीं है कि चटर्जी अपने अपराधों से बरी हो गए हैं। कानून अपना काम करेगा।

यह मामला राज्य में स्कूल भर्ती घोटाले और राजनीति में चल रहे विवादों की गंभीरता को दर्शाता है।

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