Wednesday, July 22

इंदौर में दूषित पानी का मामला: जनता की जान पर भारी स्थानीय नेता का ‘फोकट’ रवैया

 

 

इंदौर: भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण 10 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच नगर विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने आपा खोते हुए कहा, “फोकट की बात मत पूछो।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मंत्री को माफी मांगनी पड़ी।

 

वायरल वीडियो में मंत्री का बचाव करते हुए एक और व्यक्ति नजर आया, जो नीले कुर्ते में था। यह कोई और नहीं बल्कि उसी इलाके का बीजेपी पार्षद कमल वाघेला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब इलाके में लोग गंदे पानी और स्वास्थ्य संकट की शिकायत लेकर पार्षद के पास गए, तो उन्होंने उन्हें धमका कर भगा दिया।

 

इसके अलावा, चार महीने से पानी की समस्या बनी होने के बावजूद पार्षद ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वहीं, एक अन्य वायरल वीडियो में कमल वाघेला पार्क में झूला झूलते हुए नजर आए, जबकि इलाके में लोगों की जान पर संकट था।

 

स्थानीय जनता का गुस्सा बढ़ा: लोग कहते हैं कि संकट के समय पार्षद की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने शहर के प्रशासन की छवि को भी धक्का पहुंचाया है।

 

निष्कर्ष: भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण लोगों की मौत ने केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व और जिम्मेदारी की गंभीरता पर भी गंभीर चिंतन की जरूरत दिखा दी है।

 

 

 

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