Wednesday, July 22

पाकिस्तानी मूल का ‘विवादों का खिलाड़ी’: ऑस्ट्रेलिया में रहते उस्मान ख्वाजा ने खड़े किए कई बड़े बखेड़े

 

ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा ने 39 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने करियर पर विराम लगा दिया है। पाकिस्तान में जन्मे और चार साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे ख्वाजा का क्रिकेट सफर जितना शानदार रहा, उतना ही विवादों से भरा भी रहा। करियर के शुरुआती दौर में वह अनुशासित और शांत स्वभाव के खिलाड़ी माने जाते थे, लेकिन अंत तक आते-आते वह एक के बाद एक बड़े विवादों में घिरते चले गए।

 

संन्यास के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम पर लगाए गंभीर आरोप

 

संन्यास की घोषणा करते समय भी ख्वाजा विवादों से दूर नहीं रह सके। मीडिया से बातचीत में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट पर परोक्ष आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हमेशा टीम के भीतर खुद को “अलग-थलग” महसूस हुआ। उन्होंने कहा,

“मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उससे कई बार लगा कि मैं इस सिस्टम का हिस्सा नहीं हूं।”

उनके इस बयान को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में खलबली मच गई।

 

अपनी ही पिच की आलोचना कर फंसे

 

2025-26 एशेज सीरीज के पहले टेस्ट के बाद ख्वाजा ने पर्थ की पिच की खुलकर आलोचना की। उन्होंने इसे बल्लेबाज़ों के लिए अनुचित बताया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को यह बयान नागवार गुज़रा और बोर्ड ने उनसे स्पष्टीकरण तक मांग लिया।

 

टेस्ट से पहले गोल्फ खेलना पड़ा भारी

 

एशेज जैसी प्रतिष्ठित सीरीज से ठीक पहले ख्वाजा का तीन दिन लगातार गोल्फ खेलते हुए दिखना भी विवाद का कारण बना। पहले टेस्ट के दौरान उन्हें पीठ में चोट लग गई, जिसके बाद सवाल उठे कि क्या उनकी लापरवाही टीम पर भारी पड़ी।

 

काली पट्टी बांधकर आईसीसी का विरोध

 

आईसीसी द्वारा जूतों पर संदेश लिखने की अनुमति न मिलने के बाद ख्वाजा ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में हाथ पर काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरकर विरोध जताया। आईसीसी ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन्हें चेतावनी दी, जिसके बाद अगले टेस्ट में उन्होंने ऐसा नहीं किया।

 

जूतों पर संदेश को लेकर भी रहा विवाद

 

2023 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान ख्वाजा जूतों पर “All Lives Are Equal” (सभी जीवन समान हैं) लिखकर उतरना चाहते थे। इसे फिलिस्तीन समर्थन से जोड़कर देखा गया। आईसीसी ने इसे राजनीतिक संदेश मानते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया।

 

 

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