Tuesday, July 21

विदेश मंत्री जयशंकर: मेरे काम में छुट्टी की गुंजाइश नहीं, पत्नी मुझसे असहमत हो सकती हैं

 

 

नई दिल्ली: वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर चल रही बहस के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उनके काम में छुट्टी लेने का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पारंपरिक सोमवार से शुक्रवार तक काम करने वाले रूटीन का पालन नहीं करते, और उनकी जिंदगी एक टाइम जोन पर नहीं चलती।

 

आईआईटी मद्रास में एक कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा,

 

“मेरे जीवन में छुट्टी का दिन नहीं है। मैं यह नहीं कहता कि सोमवार से शुक्रवार काम करूंगा और शनिवार-रविवार को कुछ नहीं करूंगा, क्योंकि दुनिया ऐसे नहीं चलती।”

 

जिंदगी में बैलेंस की कमी नहीं

 

जयशंकर ने बताया कि उनकी जिंदगी में संतुलन की कमी नहीं है। वह आदतें और शौक विकसित करते हैं, जो उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि एक ठोस रोजाना रूटीन, जिसमें पढ़ना, लिखना, सोचना और बातचीत शामिल हो, आपको डिजिटल डिटॉक्स या छुट्टी की जरूरत नहीं पड़ने देता।

 

विदेश मंत्री ने कहा,

 

“अगर आप अपने रूटीन में शारीरिक गतिविधि, पढ़ाई, लिखाई और सोचने का समय शामिल करते हैं, तो आपका जीवन इतना संतुलित होगा कि आपको अनप्लग होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”

 

हल्का-फुल्का अंदाज

 

जयशंकर ने हंसते हुए कहा कि उनके विचार वर्क-लाइफ बैलेंस पर जरूरी नहीं कि घर में सभी के लिए मान्य हों। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा,

 

“मेरी पत्नी यहां मौजूद हैं, और वह मुझसे असहमत हो सकती हैं।”

 

कार्यक्रम में मौजूद लोग उनकी इस बात पर हंस पड़े और मंत्रियों के व्यस्त जीवन और उनके हल्के-फुल्के अंदाज को सराहा।

 

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