Tuesday, July 21

भारत में 3D-प्रिंट स्वचालित मौसम स्टेशन का निर्माण शुरू, स्थानीय पूर्वानुमान होंगे और सटीक

 

 

नई दिल्ली: भारतीय वैज्ञानिकों ने 3डी-प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करके स्वदेशी रूप से स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) विकसित करना शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य देश भर में मौसम निगरानी को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर सटीक पूर्वानुमान देना है। पहला बैच फरवरी से दिल्ली में स्थापित किया जाएगा।

 

‘मिशन मौसम’ योजना के तहत बड़ा कदम

 

यह पहल ‘मिशन मौसम’ योजना का हिस्सा है, जिस पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का नेतृत्व पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) कर रहा है, जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत कार्यरत है।

 

डॉ. एम. रविचंद्रन, सचिव, MoES ने कहा,

 

“हमारा उद्देश्य अवलोकन नेटवर्क का इतना व्यापक विस्तार करना है कि डेटा की कमी दूर हो जाए। तापमान, हवा, आर्द्रता और वर्षा जैसे मापदंडों को अधिक स्थानों पर दर्ज करने से स्थानीय स्तर पर अधिक सटीक पूर्वानुमान संभव होंगे। ये स्टेशन सौर ऊर्जा से संचालित होंगे।”

 

पहले बड़े शहरों पर फोकस

 

इस योजना के तहत सबसे पहले दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में स्वचालित मौसम प्रणाली और रडार प्रतिष्ठानों का तेजी से विस्तार किया जाएगा। अगले छह महीनों में यह कदम शहरों में स्थानीय मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

 

3D स्वचालित मौसम स्टेशन कैसे काम करेगा

 

पारंपरिक मौसम वेधशालाओं के मुकाबले AWS स्वतः डेटा मापते और केंद्र को भेजते हैं। इससे संचालन का खर्च कम हो जाता है। विशेषज्ञों ने हालांकि चेतावनी दी है कि इन मशीनों की सटीकता और कैलिब्रेशन बहुत जरूरी है।

 

आईएमडी के कुछ एडब्ल्यूएस ने हाल ही में अत्यधिक तापमान रिकॉर्ड किया, जिसे बाद में सेंसर की खराबी या अनुचित स्थान पर लगाने के कारण बताया गया।

 

निष्कर्ष

 

स्वदेशी तकनीक से विकसित ये 3D-प्रिंट मौसम स्टेशन न केवल सटीक पूर्वानुमान देंगे, बल्कि देश के मौसम अवलोकन नेटवर्क को और मजबूत और विश्वसनीय बनाएंगे।

 

 

This slideshow requires JavaScript.

Leave a Reply

This slideshow requires JavaScript.